Income tax Return आम लोगों की इनकम पर केंद्र सरकार टैक्स वसूलती है, जिसे आयकर या इनकम टैक्स कहते हैं। इनकम टैक्स से होने वाली कमाई को सरकार अपनी जनता को सुविधा और सेवाएं देने के लिए इस्तेमाल करती है। साल में एक बार आपको एक आईटीआर फॉर्म में सरकार को आय, खर्च, निवेश और टैक्स देनदारी का ब्यौरा देना होता है। इसे इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) कहते हैं। Read More
ज्यादातर लोगों को इनकम टैक्स के सेक्शन 80C अलाउंस की जानकारी होती है और इसके जरिए कई लोग अपना टैक्स बचाते भी हैं। लेकिन इसके अलावा और भी कई ऐसे दूसरे अलाउंस हैं, जिनसे सैलरीड पर्सन टैक्स कम कर सकते हैं। ...
नौकरीपेशा लोगों के लिए कुछ नियम जानने बेहद आवश्यक है। जैसे अगर आपकी नौकरी के 5 साल पूरे नहीं हुए हैं और आप अपने पीएफ के पैसे निकालते हैं तो आपको टैक्स देना होता है। इसलिए कोशिश करें कि पीएफ के पैसे पांच साल बाद ही निकालें। ताकि आप टैक्स के बोझ से बच ...
(आईटीआर) फाइल करने की डेट बढ़ाते हुए सीबीडीटी ने कहा था कि देशभर से मिली प्रतिक्रिया पर विचार करने के बाद सीबीडीटी ने आईटीआर और कर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख को 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2019 कर दिया गया। ...
पहले राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र के तहत 58,322 आयकर मामलों का चयन किया गया है। इस योजना की शुरुआत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को करनी थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के साथ अन्य आधिकारिक व्यस्तताओं की वजह से वह इस कार्यक्रम में भाग नहीं ...
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर रिटर्न के आकलन को दबाव रहित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिये आयकर विभाग नई प्रणाली शुरू करेगा। कंप्यूटर प्रणाली के जरिये करदाता और आयकर अधिकारी के बीच आमना सामना हुये बिना आगे बढ़ाने वाली इस आकलन प्रणाली क ...