हिंदी भारत की राजभाषा है। यह दुनिया की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में एक है। हिंदी भाषा-साहित्य का इतिहास करीब एक हजार साल पुराना है। हिंदी भारोपीय भाषा परिवार का सदस्य है। विद्वान मानते हैं कि इसका उद्भव प्राकृत के शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है। इसे हिंदवी, हिंदी, भाखा, रेख्ता, हिंदुस्तानी और उर्दू नाम से भी जाना जाता रहा है। हिंदी देवनागरी, कैथी, नस्तालिक और रोमन लिपियों में लिखी जाती है। Read More
हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित ‘जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक’ सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। वर्ष 2020 का ‘शब्द साधक जीवन मानक सम्मान’ संजना तिवारी को दिया जा रहा है। ...
साहित्य अकादमी के कार्यक्रम में भारत में स्पेन की चार्ज डी अफेयर्स सुश्री मॉन्सेरान पविल्लीयो ने अनुवाद पुरस्कार की घोषणा की। जिसका नाम 'द टैगोर-जेनोविया हुआन रेमॉन खीमेनेज ट्रांसलेशन अवॉर्ड रखा गया है, जो हर 2 साल में केवल भारतीय नागरिकों को दिया जा ...
बीएन पाण्डेय इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर, राज्यसभा सासंद और राज्यपाल रहे थे। नीचे दिया गया बाबर का वसीयतनामा बीएन पाण्डेय द्वारा सम्पादित हिन्दी पुस्तक 'भारतीय संस्कृति- मुगल विरासत: औरंगजेब के फरमान' से साभार प्रस्तुत किया जा रहा ह ...
साहित्य अकादमी और पद्म श्री पुरस्कार से नवाजे जा चुके फूकन की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पर विचार करते हुए असम में पहली बार साहित्यिक पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। ...
विनोद शुक्ल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था कि मैं ठगा रहा हूं। मेरी सबसे ज्यादा किताबें जो लोकप्रिय हैं, वो राजकमल और वाणी से प्रकाशित हुई हैं। अनुबंध पत्र कानून की भाषा में होती हैं, एकतरफा शर्तें होती हैं और किताबों को ...
बिलासपुर के गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल का कविता पाठ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीकांत वर्मा सृजन पीठ के अध्यक्ष श्री रामकुमार तिवारी ने की। ...