गर्मी के मौसम में जब अधिक गर्म और शुष्क हवाएं चलती है, इसे लू कहा जाता है। इस दौरान हवा की गर्मी के कारण तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या तक पहुंच जाता है और इसे ही लू या हीट स्ट्रोक कहते हैं। लू की स्थिति उस वक्त पैदा होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच जाता है। यह सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक होता है। मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है तो लू के हालात पैदा हो जाते हैं। लू या हीट स्ट्रोक लगने के बाद व्यक्ति को तेज बुखार हो जाता है और उसके शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट या इससे अधिक चला जाता है, जिस कारण कई लोगों की जान तक चली जाती है। Read More
उत्तर भारत में चरम गर्मी के मौसम में गर्मी का अनुभव करना असामान्य नहीं है। अत्यधिक गर्मी गंभीर हेल्थ रिस्क पैदा करती है क्योंकि यह तापमान को नियंत्रित करने के लिए शरीर के प्राकृतिक तंत्र को बदल देती है। ...
लंदन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की ओर से किये गये एक शोध में बताया गया है कि 2022 में हुए जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़े घातक तापमान की वजह से 90 फीसदी आबादी के सामने गंभीर मौतों का जोखिम पैदा हो गया है। ...