हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं। सभी एकादशियों में भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्जला एकादशी का व्रत है। इसके करने से सभी एकादशियों का फल साधक को मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि निर्जला एकादशी को महाभारत काल में पांडु पुत्र भीम ने किया था। इसलिए इसे भीम एकादशी भी कहते हैं। Read More
हिन्दू पंचांग के अनुसार, माघ मास शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि जो कोई जातक जया एकादशी व्रत को सच्चे मन और विधि-विधान से करता है उसे जीवन में सुख-शांति, धन-वैभव की प्राप्ति होती है। ...
षटतिला एकादशी व्रत में तिल का उपयोग करना उत्तम फलदाई माना जाता है। इस दिन तिल का दान, स्वर्ण दान के बराबर होता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने वाले को धनधान्य, तेज, सौन्दर्य प्राप्त होता है। ...
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में पौष पुत्रदा एकादशी को वैकुंठ एकादशी के नाम से जाना जाता है। ...
पौष पुत्रदा एकादशी व्रत 2 जनवरी को रखा जाएगा। यह नए साल का पहला एकादशी व्रत होगा। पौष पुत्रदा एकादशी को वैकुंठ एकादशी के नाम से जाना जाता है। पौष मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। ...
जनवरी 2023 में लोहड़ी, मकर संक्रांति के अलावा पौष पुत्रदा और षटतिला एकादशी व्रत, पोंगल, पौष पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण व्रत त्योहार भी आएंगे। ये रही व्रत त्योहार की पूरी लिस्ट- ...
इस बार उत्पन्ना एकादशी के दिन पांच शुभ योग बन रहे हैं। जिसमें प्रीति योग, आयुष्मान योग, द्विपुष्कर योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग शामिल हैं। ...
हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने वालों को भगवान विष्णु जी के साथ-साथ मां लक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ...