भारतीय जनता पार्टी वर्तमान भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी पार्टी है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार समेत भारत के 29 राज्यों में से 22 में बीजेपी के नेतृत्व या गठजोड़ वाली सरकारें हैं। इसकी स्थापना श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने साल 1951 में भारतीय जनसंघ के रूप में की थी। इसे व्यापक तौर पर दक्षिणपंथी सोच वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राजनीतिक शाखा के रूप में जाना जाता था। भारत में वर्ष 1977 में लगे आपातकाल के बाद भारतीय जनसंघ अन्य दलों के साथ जनता पार्टी बनाने के लिए एकजुट हुई। लेकिन 1980 जनता पार्टी के टूट गई। इसके इसके बाद भारतीय जनाता पार्टी का उदय हुआ। लेकिन शुरुआती 10 साल पार्टी गुमनामी में रही। इसके साल 1990 में अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के बाद पार्टी देश की राजनीति में वापसी की। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी (1998-2004) के नेतृत्व में एक सफल लोकसभा कार्यकाल समेत तीन बार सरकार बनाई। अंतिम लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिली। वर्तमान बीजेपी कांग्रेस मुक्त भारत के नारे के साथ आगे बढ़ रही है। Read More
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुकाबिक, 48.85 प्रतिशत, कांग्रेस को 40. 35 प्रतिशत, आप को 0. 44 प्रतिशत, एआईएमआईएम को 0.11 प्रतिशत, बसपा को 3.20 प्रतिशत, सीपीआई को 0.03 प्रतिशत, जेडीयू को 0.02 प्रतिशत, सीपीआई (एम) को 0.02 प्रतिशत, नोटा को 0.99 प्रतिशत, स ...
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह बालकनाथ भी नाथ समुदाय से आते हैं और अलवर में उनका जबरदस्त समर्थन और अनुयायी हैं। उन्होंने अपने बचपन के दिनों से ही 6 वर्ष की उम्र में संन्यास ले लिया था। ...
केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और फग्गन सिंह कुलस्ते मतगणना में पीछे हैं। शिवराज सिंह चौहान 50,996 मतों से आगे हैं। छिंदवाड़ा से कांग्रेस के कमलनाथ 16,559 मतों से आगे हैं। ...
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कहा कि देश के लोग केवल "मोदी जी की गारंटी" पर भरोसा करते हैं। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी 2023 के विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में जनादेश खो चुकी है। ...
अलवर से भाजपा सांसद महंत बालक नाथ हॉट सीट तिजारा में कांग्रेस के इमरान खान से मुकाबला कर रहे हैं। बालक नाथ ने इसे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच बताया है। ...
तीन राज्यों में कांग्रेस की इस खराब स्थिति पर अब कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम ने ही तंज कसा है। उन्होंने सनातन धर्म के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयानों को कांग्रेस की हार के सबसे बड़े कारणों में से एक बताया है। ...