Rajasthan Assembly Polls 2023: वे 6 कारण जिनकी वजह से राजस्थान में कांग्रेस ने गंवाई सत्ता की चाबी

By रुस्तम राणा | Published: December 3, 2023 02:30 PM2023-12-03T14:30:21+5:302023-12-03T15:12:08+5:30

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राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड जीत की ओर आगे बढ़ रही है। 200 सीटों वाले राज्य में बीजेपी 113 सीटों में अपनी बढ़त बनाए हुए है। जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस 71 सीटों पर आगे है। आइए जानते हैं कांग्रेस की हार के कारण क्या-क्या हैं।

1) एंटी इनकंबेंसी - राजस्थान में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन की परिपाटी रही है। यह आलम पिछले 3 दशकों से चलता आ रहा है। इसी क्रम में जनता ने एकबार फिर से कांग्रेस सत्ता की चाबी लेकर भाजपा को सौंपने का काम किया है।

2) पायलेट-गहलोत संग्राम - यह कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा नुकसानदायक मुद्दा रहा। पायलेट और अशोक गहलोत के बीच संग्राम से न केवल सरकार पंगु बनी बल्कि कांग्रेस ने असहज स्थिति का सामना किया और एक वक्त तो पार्टी टूट की कगार पर भी पहुंच गई।

3) पेपर लीक कांड - राज्य में सरकारी नौकरी को लेकर होने वाले एग्जाम लीक भी गहलोत सरकार के लिए नुकसानदायक रहा, जिससे युवाओं में कांग्रेस सरकार को लेकर एक गलत संदेश गया और बीजेपी को इससे फायदा हुआ।

4) ध्रुवीकरण - भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में कन्हैया लाल मर्डर को बखूबी भुनाया, यहां तक कि भगवा पार्टी के स्टार प्रचारक पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली में यह मुद्दा उठाया था, जिससे वह हिन्दू वोट बैंक को अपनी तरफ खींचने में सफल रही।

5) लाल डायरी मुद्दा - राजस्थान चुनाव से ठीक पहले लाल डायरी मुद्दा राज्य में जोर-शोर से उठाया गया। इस मुद्दे को राज्य के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने उठाया था, जिसमें गहलोत सरकार पर करप्शन जैसे गंभीर आरोप की बात कही जा रही थी।

6) महिला सुरक्षा- भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में चुनावी प्रचार के दौरान महिला सुरक्षा का मुद्दा जोर-शोर से उठाया और गहलोत सरकार की कानून व्यवस्था पर चोट कर महिला वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने में सफल रही।