अयोध्या उत्तर प्रदेश का एक शहर है। इस शहर को भगवान राम की जन्मस्थली माना जाता है। उनके जन्म की जगह को लेकर काफी वक्त से विवाद चल रहा था। राम का जन्मस्थान होने की वजह से अयोध्या को हिंदुओं के साथ सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में माना जाता है। Read More
अयोध्या में पांच अगस्त को प्रस्तावित राम मंदिर का भूमि पूजन होने जा रहा है। जिसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। भूमि पूजन के लिए पवित्र नदियों का जल और तीर्थ स्थलों की पवित्र मिट्टी लाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद ...
माता सीता ने वनवास के दौरान के कष्टों के निवारण के लिए उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर सहित षड विनायक मंदिरों की स्थापना की थी। ऐसे में जब अयोध्या में भगवान राम के भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण हो रहा हो और उज्जैन का जिक्र न हो ये संभव ...
अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की आधारशिला 5 अगस्त को रखी जाएगी। मंदिर की नीव में रखे जाने वाले कलश में तीर्थ नगरी उज्जैन से बाबा महाकाल की भस्म ,शिप्रा नदी का जल तथा यहां की मिट्टी भी होगी। ...
प्रमुख मूर्तियां श्रीराम और सीता जी दोनों की होनी चाहिए। अकेले श्रीराम जी पूजा की अधूरी रह जाती है। अयोध्या में सीता जी के साथ जितना अन्याय हुआ है... क्या उनको फिर से वनवास भेजा जाएगा?’’ ...
अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर का भूमिपूजन समारोह रखा गया है। लेकिन इसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मौजूद नहीं रहेंगे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक किसी भी मुख्यमंत्री या राज्यपाल को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता नहीं दिय ...
पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के लिए होने वाले भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही देश की प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (25 जुलाई) को अयोध्या का दौरा किया था ...