आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 136 पृष्ठों की अधिसूचना में कहा कि दोनों आदेशों को ‘‘केंद्र शासित जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का संयोजन) दूसरा और तीसरा आदेश 2020’’ कहा जाएगा। ...
अदालत ने बेटी इल्तिजा और उनके भाई तस्दुक मुफ्ती को महबूबा मुफ्ती से मिलने की अनुमति दी है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से जवाब भी ...
कश्मीर के टूरिज्म सेक्टर को सबसे बड़ा नुकसान पिछले साल 5 अगस्त से ही उठाना पड़ा है। इस सेक्टर से जुड़े लोगों के मुताबिक, अब तो गणना भी मुश्किल हो गई है कि डेढ़ साल के दौरान कितना नुक्सान हुआ है और कितने लोग बेरोजगार हुए हैं। ...
अब्दुल्ला ने अपनी पुस्तक ''इंडिया टुमॉरो: कन्वर्सेशन विद द नेक्स्ट जेनरेशन ऑफ पॉलिटिकल लीडर्स'' में कहा कि ऐसे में सबसे अच्छा यही है कि आप दूसरों के हिसाब से खुद को नहीं ढाले और आप जो हैं, वही बने रहे। इस पुस्तक का हाल में विमोचन हुआ है। ...
हाल ही में बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान ने तुर्की की प्रथम महिला एमिन एर्दोआन से मुलाकात की थी। जिसके बाद आमिर खान की संघ सहित देश के कई नेताओं ने आलोचना की थी। आमिर खान ‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म की शूटिंग के लिए तुर्की में हैं। ...
पांच अगस्त 2019 को केंद्र ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा की थी। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों ने पिछले वर्ष अगस्त में राज्य में किए गए बदलावों को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया, जिससे जम्मू-कश् ...
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में उनकी वापसी हो रही है। अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती की समीक्षा की, जिसके बाद फैसला लिया गया। ...
यदि यह संभव हो पाया तो यह रोजगार की जम्मू-कश्मीर की धारा 370 जैसी होगी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीएम शिवराज का यह ऐलान विधानसभा उपचुनाव से पहले मतदाताओं को मनाने का एक सियासी दांव भर है, इसीलिए यह बयान तो आ गया, लेकिन यह भी कहा गया है कि इसक ...