आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
बता दें कि अजित डोभाल काफी दिनों तक जम्मू-कश्मीर में ही थे और वहां की स्थिति पर करीब से नज़र बनाए हुए थे। अजित डोभाल दो दिन पहले से ही घाटी से दिल्ली लौटे हैं। इस बैठक में अमित शाह, अजित डोभाल के अलावा गृह सचिव और अन्य बड़े अधिकारी शामिल हैं। ...
सभी निजी स्कूल आज सोमवार को लगातार 15वें दिन भी बंद रहे, क्योंकि पिछले दो दिन से यहां हुए हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर अभिभावक सुरक्षा स्थिति को लेकर आशंकित हैं। केवल बेमिना स्थित ‘पुलिस पब्लिक स्कूल’ और कुछेक केन्द्रीय विद्यालयों में ही थोड़े बहुत छ ...
शेहला राशिद को लेकर ट्विटर पर #arrestShehlaRashid टॉप ट्रेंड कर रहा है। लोगों का कहना है कि कश्मीरी लीडर शेहला राशिद को भड़काऊ भाषण और भारतीय सेना पर गलत इल्जाम लगाने के लिये गिरफ्तार करना चाहिए। ...
कश्मीरी लीडर शेहला राशिद ने नरेन्द्र मोदी सरकार से पहले भी कहा था कि जितने भी कश्मीरी नेताओं को अरेस्ट किया है, उनको जल्द से जल्द ही रिहा किया जाए। आर्टिकल 370 के विरोध में शेहला राशिद बुधवार (7 अगस्त) को दिल्ली के मंडी हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक विरो ...
शेहला राशिद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व उपाध्यक्ष व जेएनयूएसयू की सदस्य रह चुकीं हैं। शेहला राशिद लगातार केंद सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले का विरोध कर रही हैं। ...
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और राज्य के पुनर्गठन को लेकर भारत में विपक्षी पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार को लगातार निशाना साध रही है। लेकिन वहीं विश्व के कई देश भारत के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। ...
हुड्डा ने कहा कि जो लोग अनुच्छेद 370 के सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं, उनकों बताना चाहता हूं, ''उसूलों पर जहां आंच आए, वहां टकराना जरूरी है, जो जिंदा है तो जिंदा दिखना जरूरी है।'' ...