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LAC पर तैनात भारतीय सैनिक चीनियों की बातचीत समझकर दे सकेंगे चीनी में जवाब, जल्द मिलेगी AI आधारित अनुवाद मशीन

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: July 12, 2022 16:01 IST

भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा दे रही है। वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय रक्षा कम्पनियों ने 13 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया जिसमें से 70 फीसदी निर्यात निजी क्षेत्र की कम्पनियों ने किया था।

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ठळक मुद्देभारतीय स्टार्टअप ने AI आधारित अनुवाद करने वाला गैजेट विकसित किया हैइस गैजेट से चीनी भाषा को समझकर उसका चीनी भाषा में जवाब दिया जा सकेगा।चीन से लगे LAC पर तैनात भारतीय सैनिकों को यह गैजेट जल्द ही इस्तेमाल के लिए मिलेगा

दिल्ली:चीन से लगी भारत की नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों को केंद्र सरकार जल्द ही ऐसा गैजेट उपलब्ध कराएगी जिससे चीनी भाषा का तत्काल अंग्रेजी में अनुवाद हो जाएगा और इसके माध्यम से अंग्रेजी से चीनी भाषा में अनुवाद करके चीनी सैनिकों को चीनी में जवाब भी दिया जा सकेगा।

समाचार वेबासाइट 'दि हिन्दी' की रिपोर्ट के अनुसार आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) आधारित इस अनुवाद मशीन का विकास एक भारतीय स्टार्टअप कम्पनी ने किया है। इस गैजेट का वजह करीब 600 ग्राम होगा। इस मशीन का परीक्षण एडवांस्ड स्टेज पर है और भारतीय सेना प्रयोग के तौर पर इसका इस्तेमाल कर रही है।

यह मशीन उन 75 AI आधारित प्रोडक्ट और एप्लीकेशन में है जो 'रक्षा क्षेत्र में AI' सिप्जोयिम में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा उद्घाटित की गयीं।

इस AI अनुवाद टूल को बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप कॉगनिट ने बनाया है। इसके सहसंस्थापक और प्रबंध निदेशक अनुरूप अंयगर ने दि हिन्दू से कहा कि यह मशीन इंटरनेट के बिना काम करती है। इसे विकसित करने में सेना के फीडबैक से काफी मदद मिली। भविष्य में इस मशीन का वजन और अचूकता और भी बेहतर की जा रही है।

इस मशीन के चीनी से हिन्दी अनुवाद करने वाले संस्करण को भी विकसित किया जा रहा है। यह मशीन 5-10 फीट की रेंज में दुरफा काम करती है। कम्पनी इसकी रेंज को 20 फीट तक बढ़ाने का प्रयास भी कर रही है।  मशीन का पहला प्रायोगिक प्रदर्शन वर्ष 2017 में किया गया था। उसके बाद इसके कई परीक्षण किए जा चुके हैं।

लद्दाख स्थिति भारत और चीन की नियंत्रण रेखा पर पिछले कुछ सालों में कई बार गम्भीर गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। चीन पर भारतीय इलाके में अवैध निर्माण करने का भी आरोप लगा है।

दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी, जिसमें दोनों देशों के सैनिक हताहत हुए थे। इस बीच मीडिया में यह खबर भी आयी कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के भारतीय कब्जे वाले इलाकों में गांव भी बसा दिए हैं।

टॅग्स :भारतीय सेनाचीनएलओसीराजनाथ सिंह
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