लाइव न्यूज़ :

'मेक इन इंडिया' के तहत भारत ने बनाया 20 करोड़ मोबाइल फोन, बना दुनिया का दूसरा बड़ा उत्पादक: रिपोर्ट

By आजाद खान | Updated: August 17, 2023 08:49 IST

काउंटरप्वाइंट द्वारा किए गए रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा है कि "2022 में, समग्र बाजार में 98 प्रतिशत से ज्यादा शिपमेंट 'मेक इन इंडिया' थे, जबकि 2014 में वर्तमान सरकार के सत्ता संभालने के समय यह केवल 19 प्रतिशत था।"

Open in App
ठळक मुद्दे'मेक इन इंडिया' के तहत भारत ने 2014-2022 में 20 करोड़ मोबाइल फोन बनाया है। ऐसे में अब भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फोन उत्पादक बन गया है। बता दें कि डिजिटल लिटरेसी बढ़ाने वाली भारी इंटरनल डिमांड और सरकारी दबाव के कारण वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।

नई दिल्ली: सोमवार को सामने आए एक ताजा रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि 'मेक इन इंडिया'मोबाइलफोन शिपमेंट ने 2014-2022 के दौरान 2 बिलियन के आंकड़े को पार कर लिया है। रिसर्च में यह साफ हुआ है कि यह इजाफा कई कारणों से हुआ जैसे घरेलू मांग में बढ़ोतरी और नई टेक्नॉलिजी के प्रति लोगों की जागरूकता आदि जैसे कारणों के लिए हुआ है। 

रिसर्च में क्या खुलासा हुआ है

काउंटरप्वाइंट के रिसर्च के अनुसार, भारत के 'मेक इन इंडिया' अभियान ने 23 फीसदी सीएजीआर के साथ 2014-2022 तक घरेलू मोबाइलफोन शिपमेंट को 2 बिलियन (20 करोड़) से अधिक कर दिया है। रिसर्च की अगर माने तो डिजिटल लिटरेसी बढ़ाने वाली भारी इंटरनल डिमांड और सरकारी दबाव इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं जिससे भारत मोबाइल बनाने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना है। 

इस पर बोलते हुए रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा है कि "2022 में, समग्र बाजार में 98 प्रतिशत से ज्यादा शिपमेंट 'मेक इन इंडिया' थे, जबकि 2014 में वर्तमान सरकार के सत्ता संभालने के समय यह केवल 19 प्रतिशत था।" उन्होंने आगे बताया कि "भारत में लोकल वेल्यू एडिशन वर्तमान में आठ साल पहले के निम्न एकल अंक की तुलना में औसतन 15 प्रतिशत से अधिक है।"

सेमीकंडक्टर का हब बनना चाहता है भारत

चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम, उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन और आत्म-निर्भर भारत जैसी पहलों के साथ भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक है, जिससे स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। 2022 में, भारत के 98 फीसदी मोबाइल फोन शिपमेंट स्थानीय रूप से किए गए थे, जो 2014 में 19 फीसदी से अधिक था। 

मूल्यवर्धन 15 फीसदी से अधिक हो गया है। पारिस्थितिकी तंत्र फल-फूल रहा है, जिससे नौकरियां और निवेश पैदा हो रहे हैं। भारत का लक्ष्य सेमीकंडक्टर हब बनना है, जो पीएलआई और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के निवेश जैसी योजनाओं द्वारा समर्थित है। 

टॅग्स :टेक्नोमोबाइलफोनभारतबिजनेस
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारiPhone जैसा Selfie? Realme 16 5G आया मार्केट में 7000mAh बैटरी, जानें फीचर्स

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

टेकमेनिया अधिक खबरें

टेकमेनियाएआई: तकनीकी प्रगति या पर्यावरणीय संकट? 

टेकमेनियाPoco M8 5G Launched in India: 50MP कैमरा, 5520mAh बैटरी और 15,999 की लॉन्च कीमत

टेकमेनियाThe Realme 16 Pro 5G Price: 7000mAh की दमदार बैटरी के साथ इंडिया में लॉन्च हुआ Realme 16 Pro 5G, जानें कीमत, फीचर्स और भी बहुत कुछ

टेकमेनियाGoogle Doodle Today: नए साल के पहले दिन पर गूगल ने बनाया खास डूडल, जानिए क्यों है ये खास

टेकमेनियाYouTube down: यूट्यूब हुआ डाउन, भारत और यूएस में हजारों यूजर्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के साथ समस्याओं की शिकायत की