लाइव न्यूज़ :

Shani Jayanti 2024: शनि महाराज की कृपा दृष्टि पाने के लिए करें ये सात बेहद प्रभावशाली उपाय

By रुस्तम राणा | Updated: June 3, 2024 13:59 IST

Shani Jayanti 202 Upay: हिन्दू पंचांग के अनुसार, शनि जयंती प्रति वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन न्याय के देवता शनि देव का जन्म हुआ था।

Open in App

Shani Jayanti 2024: इस साल शनि जयंती 6 जून, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, शनि जयंती प्रति वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन न्याय के देवता शनि देव का जन्म हुआ था। शनि जयंती के दिन शनि मंदिरों में उनके भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस दिन शनि दोष से छुटकारा और उनका आशीर्वाद पाने के लिए भक्तों के द्वारा व्रत रखा जाता है। पवित्र नदी में स्नान किया जाता है और दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि जयंती के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जातकों की कुंडली में शनि दोष, साढ़े साती और शनि ढैय्या के बुरे प्रभाव से छुटकारा मिलता है।

शनि जयंती के 7 महाउपाय

1. शनि जयंती पर शनि देव की कृपा पाने के लिए शनि देव की पूजा उनके प्रिय नीले रंग के फूल, शमी के पत्ते, काला तिल, सरसों के तेल आदि से करें। इसके बाद शनि महाराज से ग्रह दोष, साढ़े साती और ढैय्या की पीड़ा से राहत प्रदान करने की प्रार्थना करें।

2. शनि जयंती के दिन सबसे पहले पास के किसी शनि मंदिर में जाएं और वहां शनि देव की पूजा करें। किसी पात्र में सरसों का तेल भरें और उसमें अपनी छाया देखकर उसे दान कर दें। छाया दान करने से साढ़े साती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है, कष्ट और दुख दूर होते हैं।

3. शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शनि जयंती के दिन शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें या उससे उनका ​अभिषेक करें। इस उपाय से आपकी कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत होगी। 

4. शनि जयंती के दिन कर्मफल दाता शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल में काला तिल डालकर शनि देव को अर्पित करना करें। इस उपाय से आपको शनि दोष से जुड़े कष्ट दूर हो जाएंगे और जीवन में सुख-समृद्धि आएगी। 

5. शनि जयंती के अवसर पर शाम को शमी के पेड़ या फिर पीपल के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। शनि कृपा से साढ़े साती, ढैय्या और ग्रह दोष में शांति मिलेगी।

6. शनि जयंती पर शनि देव से जुड़ी चीजों का दान करना चाहिए। इस दिन आप जूता या चप्पल, काला या नीला कपड़ा, उड़द, काला तिल, लोहा, स्टील और शनि चालीसा का दान किसी गरीब जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना चाहिए। 

7. शनि दोष, साढ़े साती या ढैय्या की पीड़ा से राहत पाने के लिए शनि बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का जाप करें। 

टॅग्स :शनि जयंतीहिंदू त्योहारज्योतिष शास्त्र
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठPanchang 20 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 20 May 2026: आज मिथुन राशिवालों को होगी परेशानी, जानें सभी राशियों का भविष्य

पूजा पाठGuru Gochar: 2 जून से 5 माह तक इन 3 राशि वालों का गोल्डन पीरियड, भाग्य में वृद्धि, धन वर्षा के संकेत

पूजा पाठPanchang 19 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 19 May 2026: रोजमर्रा के कामों में आ सकती हैं रुकावटें, जानें अपना भाग्यफल

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 18 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 18 May 2026: आज कर्क समेत 5 राशियों के लिए भाग्यशाली है दिन, नौकरी-व्यापार में प्राप्त होंगे नए अवसर

पूजा पाठपंच केदार तीर्थयात्राः रहिए तैयार, 18 मई को खुलेंगे श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, पवित्र डोली धार्मिक मंत्रोच्चार, पुष्प वर्षा और गढ़वाल राइफल्स सेना बैंड द्वारा बजाई गई धुनों के बीच रवाना

पूजा पाठPanchang 17 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 17 May 2026: आज मेष समेत इन 4 राशिवालों की चल-अचल संपत्ति में बढ़ोतरी होने की संभावना