लाइव न्यूज़ :

Mahashivratri 2021: शिवलिंग पर नहीं चढ़ाई जाती तुलसी समेत ये 7 चीजें, कहीं आप भी तो नहीं करते ये गलती

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 11, 2021 08:02 IST

महाशिवरात्रि पर शिवजी को भांग, धतूरा, बेर चंदन, बेल पत्र, फल और फूल आदि अर्पित किया जाता है। हालांकि कई ऐसी चीजें भी हैं जिसका इस्तेमाल भगवान शिव की पूजा में नहीं करना चाहिए।

Open in App
ठळक मुद्देमहाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती हैइस बार 11 मार्च को महाशिवरात्रि, मान्यताओं के अनुसार इस दिन हुआ था शिव और माता पार्वती का विवाहशिवलिंग पर तुलसी समेत तिल, केतकी के फूल, नारियल का पानी आदि नहीं चढ़ाया जाता है

महाशिवरात्रि का त्योहार आज मनाया जा रहा है। इस मौके पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि हिंदी पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस बार ये तिथि 11 मार्च को पड़ रही है।

शिव भक्तों के लिए ये दिन विशेष है। देश भर के शिव मंदिरों में इस दिन विशेष आयोजन होता है। कई जगहों पर भगवान शिव की बारात निकाली जाती है। वहीं, दाम्पत्य जीवन में भी खुशहाली के लिए लोग महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं। कुंवारी लड़कियां भी अच्छे वर के लिए महाशिवरात्रि का व्रत करती हैं। 

ऐसा कहते हैं कि भगवान शिव को प्रसन्न करना बहुत आसान है। वे भोले हैं और भक्तों की पूजा पर जल्द प्रसन्न होते हैं। इस दिन शिवजी को भांग, धतूरा, बेर चंदन, बेल पत्र, फल और फूल आदि अर्पित किया जाता है। ये सब उनके प्रिय हैं। वहीं, माता पार्वती के लिए सुहागन महिलाएं सुहाग की प्रतीक जैसे चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर आदि अर्पित करती हैं। इस पूरे दिन उपवास करें। फलाहार कर सकते हैं पर नमक का सेवन नहीं करें।

हालांकि, कई ऐसी भी चीजें हैं जिसका इस्तेमाल भगवान शिव की पूजा में वर्जित है। इन चीजों को भूलकर भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए। आईए हम आपको इन चीजों के बारे में बताते हैं।

महाशिवरात्रि: शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए ये 7 चीजें

तुलसी: हिंदू धर्म में तुलसी का बहुत महत्वा है। हर पूजा और शुभ मौकों पर इसका इस्तेमाल होता है। हालांकि शिवजी पर तुलसी नहीं चढ़ाया जाता है। 

टूटे हुए चावल: ऐसे चावलों को शिव पूजा में इस्तेमाल के लिए अशुद्द माना गया है। इसलिए इसे नहीं चढ़ाना चाहिए।

नारियल: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा में नारियल का इस्तेमाल होता है। हालांकि इसे भगवान शिव की पूजा में इस्तेमाल नहीं किया जाता है। नारियल का संबंध माता लक्ष्मी से है। इसलिए नारियल का पानी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाएं।

शंख: शिवजी की पूजा में शंख का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार शंखचूड़ नाम के असुर का शिवजी ने किया था। वो भगवान विष्णु का भक्त था। शंख को शंखचूड़ का ही प्रतीक माना गया है।

हल्दी: शिवजी को हल्दी और कुमकुम भी अर्पित नहीं किया जाता है।

केतकी के फूल: शिवजी को केतकी के फूल अर्पित नहीं करने चाहिए। इसके पीछे भी पौराणिक कथा है। ब्रह्माजी और विष्णुजी के बीच श्रेष्ठ कौन है, इसे लेकर दोनों देवताओं में विवाद हो गया था। कथा के अनुसार ब्रह्मा जी ने खुद को श्रेष्ठ बताने और शिवलिंग के छोर तक पहुंचने के दावे के लिए केतकी के फूल को साक्षी बताया था। केतकी पुष्प के झूठा साक्ष्य देने पर शिवजी ने नाराज होकर उसके अपने पूजा में कभी इस्तेमाल नहीं होने की बात कही।

तिल: शिवलिंग पर तिल भी नहीं चढ़ाया जाना चाहिए। मान्य है कि तिल भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ है। इसलिए इसे शिवजी को अर्पित नहीं किया जाता है।

टॅग्स :महाशिवरात्रिभगवान शिवहिंदू त्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठकैसे करें हनुमान बाहुक का पाठ?, मंगलवार-शनिवार को शुरू कर पाठ?, देखिए वीडियो

पूजा पाठHanuman Janmotsav 2026: रूद्र के अवतार हनुमान जी को अमरता का वरदान?, मंगलवार को जरूर करें बजरंग बाण?, वीडियो

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग