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Maha Shivratri 2025: महाशिवरात्रि पर ऐसे करें जलाभिषेक, बेल पत्र, दूध, दही, शहद, शक्कर और गंगाजल करें अर्पित, परेशानी-समस्या दूर!

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 26, 2025 05:47 IST

Maha Shivratri 2025 live Date and Time: हिंदू पंचाग के मुताबिक फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार ये 26 फरवरी को है।

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ठळक मुद्देMaha Shivratri 2025 live Date and Time: फाल्गुन की शिवरात्री का महत्व बेहद विशेष है।Maha Shivratri 2025 live Date and Time:भगवान शिव और माता-पार्वती का विवाह हुआ था।Maha Shivratri 2025 live Date and Time:महाशिवरात्रि आज पूरे देश में मनाई जा रही है।

Maha Shivratri 2025 live Date and Time: महाशिवरात्रि सबसे प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। हिंदू त्रिमूर्ति देवताओं में से एक, भगवान शिव के सम्मान में पूरे भारत में मनाया जाता है। महाशिवरात्रि का अर्थ है "शिव की महान रात"। महाशिवरात्रि आज पूरे देश में मनाई जा रही है। हिंदू पंचाग के मुताबिक फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार ये 26 फरवरी को है। ऐसे तो हर महीने एक शिवरात्रि आती है, जिसे मासिक शिवरात्रि कहते हैं। फाल्गुन की शिवरात्री का महत्व बेहद विशेष है। मान्यता है इसी दिन भगवान शिव और माता-पार्वती का विवाह हुआ था।

  

Maha Shivratri 2025 live Date and Time: महाशिवरात्रि मुहूर्त समय

चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 26 फरवरी सुबह 11:08 बजे से चतुर्दशी तिथि 27 फरवरी को सुबह 8:54 बजे समाप्त

निशिता काल पूजा समय 27 फरवरी सुबह 12:09 बजे से 12:59 बजे तक।

शिवरात्रि पारण (उपवास तोड़ना) समय सुबह 6:48 से 8:54 बजे तक रात्रि प्रथम प्रहर पूजा का समय शाम 6:19 बजे से रात 9:26 बजे तक।

 

Maha Shivratri 2025 live Date and Time: पूजा और जलाभिषेक के मुहूर्त

देश के तमाम शिवमंदिरों और शिवालयों में त्रयोदशी का जलाभिषेक 26 फरवरी को तड़के शुरू होकर पूरे दिन चलता रहेगा। वहीं, चतुर्दशी का भी जलाभिषेक दोपहर 3 बजे बाद से शुरू होकर देर शाम तक होगा। महाशिवरात्रि में रात की पूजा का महत्व खास है। अन्य रात के चारों पहर में भी पूजा के मुहूर्त हैं।

महाशिवरात्रि: भगवान शिव पर जलाभिषेक कैसे करें

महाशिवरात्रि या भगवान शिव की पूजा के लिए दूध का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। गाय के दूध का विशेष महत्व है। ये सबसे अधिक पवित्र और उत्तम माना गया है। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए जल में थोड़ा सा दूध मिलाकर उन्हें चढ़ाएं। मान्यताओं के अनुसार जल में थोड़ा दूध मिलाकर जलाभिषेक करने से या शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

साथ ही महाशिवरात्रि के दिन महादेव की पूजा करते समय बेल पत्र, दूध, दही, शहद, शक्कर और गंगाजल का इस्तेमाल करें। ऐसे जलाभिषेक करने से शिव भक्तों पर भगवान शंकर की कृपा बरसती है और समस्याओं से निजात मिलने की संभावना रहती है।

टॅग्स :महाशिवरात्रिभगवान शिवमहाकालेश्वर मंदिरमहाकुंभ 2025Kashiवाराणसीबनारस हिंदू विश्वविद्यालय
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