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कार्तिक पूर्णिमा 2018: देश में आज देव दीपावली और गुरु पर्व की धूम, जानिए क्यों मनाए जाते हैं ये त्योहार

By मेघना वर्मा | Updated: November 23, 2018 09:52 IST

kartik purnima, Guru Nanak Dev Birthday, Dev Diwali/Deepawali: देव दीपावली को देवताओं की दीपावली भी कहा जाता है। इस दिन को स्नातन धर्म मे बेहद शुभ बताया गया है।

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कार्तिक का महीना सनातन धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है। इस महीनें में लोग तुलसी पूजन के साथ अपने ईष्ट देवों की पूजा भी करते हैं। साथ ही सिक्ख धर्म में भी कार्तिक पूर्णिमा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन सिक्खों के सबसे पहले गुरु, गुरु नानक देव जी ने अवतरण लिया था। साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही देव दीपावली भी मनाई जाती है। 

इस त्योहार में लोग गंगा घाटों को सजाते हैं और दीपों का दान करते हैं। बनारस के घाटों को लोग दीयों से जगमगाते हैं। इस बार कार्तिक पूर्णिमा 23 नवंबर को मनाई जा रही है। आइए हम बताते हैं आपको क्यों मनाए जाते हैं ये तीनों पर्व और क्या है इनकी मान्यता। 

1. गुरु पर्व या गुरु नानक जयंती

कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिक्खों के सबसे पहले गुरु, गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। सन् 1526 में गुरु नानक का जन्म हुआ था। यही कारण है कि कार्तिक पूर्णिमा का ये त्योहार सिक्खों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन को प्रकाश उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। गुरु नानक देव ने गुरु ग्रंथ साहिब की रचना भी की थी। इस गुरु पर्व के दिन गुरु ग्रंथ साहिब में लिखे नानक देव की शिक्षाएं पढ़ी जाती है। इस दिन सिक्ख समुदाय प्रभात फेरी निकालता है। इसमें भारी संख्या में लोग शिरकत करते हैं। इस दिन देश भर के गुरुद्वारे में रौनक देखने को मिलती है। 

2. देव दीपावली

देव दीपावली को देवताओं की दीपावली भी कहा जाता है। इस दिन को स्नातन धर्म मे बेहद शुभ बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव धरती पर आते हैं। यही कारण है कि काशी में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग हजारों की संख्या में घाटों पर दीया जलाते हैं और भगवान की उपासना करते हैं। 

3. कार्तिक पूर्णिमा

पूर्णिमा हर महीने की, बेहद शुभ मानी जाती है। कार्तकि पूर्णिमा पर भी लोग गंगा और यमुना में स्नान करेत हैं। साथ ही दीप दान भी करते हैं। इस दिन को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग गंगा स्नान करते हैं और गो दान भी करते हैं। इस दिन मौसमी फल, उड़द दाल, चावल और उजली चीजों को दान शुभ माना जाता है।

टॅग्स :पूर्णिमागुरु नानकहिंदू त्योहार
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