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कार्तिक मास 2018: आज से शुरू हुआ कार्तिक का शुभ महीना, सुख-समृद्धि के लिए करें सिर्फ ये 5 उपाय

By मेघना वर्मा | Updated: October 26, 2018 10:33 IST

kartik Month 2018 Date (कार्तिक मास 2018): मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु लम्बी नींद से सोकर उठते हैं तो कार्तिक मास में इनकी नियमित पूजा होती है। साथ ही ये मां लक्ष्मी का प्रिय महीना भी माना जाता है।

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हिन्दू धर्म के अनुसार एक साल में कुल 12 मास होते हैं जिनमें कार्तिक का महीना सबसे पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में धर्म और प्रतिष्ठानों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इस साल कार्तिक मास की शुरुआत 25 अक्टूबर से हो गई है। इस महीनें में सुख और समृद्ध के लिए लोग तरह-तरह से अनुष्ठान कराते हैं। खासकर गंगा और यमुना के घाटों पर लोग रोजाना ढुबकी लगाने जाते हैं। इन स्नानों का खासा महत्व भी होता है। आप भी जानिए क्यों है इसका महत्व और वो 5 कार्य जिन्हें करने से आपको मिलेगी सुख और समृद्धि। 

कहते है कि

कार्तिकं सकलं मासं नित्यस्नायी जितेन्द्रिय। जपन् हविष्यभुक्छान्त सर्वपापै प्रमुच्यते। 

इसका अर्थ होता है कि कार्तिक मास में जितेन्द्रिय रहकर नित्य स्नान करके और हविष्य (जौ, गेहूं, मूंग, दूध-दही और घी) का एकबार भोजन करें तो सब पाप दूर हो जाते हैं। मान्यता है कि कार्तिक मास के इन 31 दिनों में नदियों में स्नान आदि करने से सभी कष्ट भी दूर हो जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन ही भगवान विष्णु लम्बी नींद से सोकर उठते हैं तो कार्तिक मास में इनकी नियमित पूजा होती है। साथ ही ये लक्ष्मी का प्रिय महीना भी माना जाता है।  

करिए ये 5 काम

कार्तिक मास में सुख-समृद्धि और अपने पापों को दूर करना चाहते हों तो  पूरे महीने इन 5 नियमों का कर सकते हैं पालन। 

1. दीपदान

कार्तिक मास में दीपदान का बेहद महत्व होता है। अपने आस-पास की नदी, पोखर, तालाब आदि में दीपदान जरूर करें। इससे आपके सारे कष्ट दूर होंगे और पुण्य की प्राप्ति होगी। 

2. तुलसी पूजन

कार्तिक मास मे तुलसी को पूजने का भी बेहद महत्व बताया गया है। वैसे तो हर मास में ही तुलसी को पूजना शुभ माना जाता है लेकिन कार्तिक के महीने में तुलसी की विशेष पूजा होती है। 

3. नहीं खाई जाती दाल

कार्तिक के महीने में किसी बी तरह की दाल भी नहीं खाई जाती है। उड़द, मूंग, मसूर, चना, मटर, राई जैसी दाल और चीजों का सेवन बिल्कुन ना करें। 

4. ब्रह्मचर्य का करें पालन

वैसे तो परिवार वालों के लिए यह नियम थोड़ा मुश्किल होता है मगर कोशिश करें कि कार्तिक मास में ब्रह्मचर्य का पालन करें। मान्यता ये भी है कि ऐसा नहीं करने से पति-पत्नि पर दोष आता है। 

5. वाद-विवाद से रहे दूर

चूंकी इस पूरे महीने को पूजा पाठ और खास अनुष्ठानों के लिए जाना जाता है तो कोशिश करें कि इस पूरे महीने खुद की वाणी पर संयम रखें और किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़े और वाद-विवाद में ना फंसे।  

टॅग्स :कार्तिक मासहिंदू त्योहार
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