हिन्दू महीने के सबसे पवित्र नवरात्रि के शुभ 9 दिन शुरू हो चुके हैं। देश में चारों ओर आदि शक्ति मां दुर्गा की पूजा हो रही हैं। जहां एक ओर भक्त मां को मनाने और उनकी कृपा पाने के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर विजयदशमी की भी तैयारियां हो रही हैं। इस दिन के लिए बड़े-बड़े रावण स्वरूपों को बनाकर तैयार किया जा रहा है जिसे विजयदशमी के दिन जलाया जाएगा। विजयदशमी के बाद से ही त्योहारों की झड़ी सी लग जाती है। दीवाली, छठ, भाई-दूज जैसे कई त्योहार, दशहरा के बाद पड़ते हैं। आज हम आपको इन्हीं त्योहारों के बारे में बताने जा रहे हैं, आप भी जानिये विजयदशमी के कितने दिन बाद कौन सा पड़ता है त्योहार।
1. 19 अक्टूबर को विजयदशमी
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश लिए इस बार विजयदशमी 19 अक्टूबर को पड़ रहा है। मान्यता है कि लंका में 9 दिन चले युद्ध के बाद भगवाना राम ने घमंडी रावण का वध इसी दिन किया था। इसलिए पूरे देश में आज का दिन हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। वैसे तो देश भर में दशहरा के धूम दिखती है लेकिन मैसूर और कुल्लू का दशहरा पूरे देश में फेमस हैं।
2. 23 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा
दशहरा के बाद पड़ने वाली पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। हिन्दू पंचाग के अनुसार इस बार यह शरद पूर्णिमा 23 अक्टूबर को पड़ रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था और इसी दिन आसमान से धन और अमृत की वर्षा होती है। यही कारण है कि इस दिन लो अपने घरों पर खीर बनाकर रखते हैं ताकि अमृत की वर्षा के बाद उस प्रसाद रूपी खीर को खाकर मां लक्ष्मी की कृपा पा सकें। इस दिन चंद्रमा की भी उपासना की जाती है।
3. 27 अक्टूबर को करवाचौथ
दशहरा के 8 दिन बाद कृष्ण चतुर्दशी को सुहागिनों का सबसे बड़ा त्योहार करवाचौथ पड़ता है। इस साल यह करवाचौथ 27 अक्टूबर को पड़ रहा है। करवाचौथ व्रत देश के लगभग हर हिस्से में मनाया जाता है जिसमें हर विवाहित महिला अपने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखती है। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को पड़ने वाला यह करवाचौथ में महिलाएं दिन भर निरजला व्रत रखती हैं और रात चांद की पूजा के बाद ही भोजन ग्रहण करती हैं।
4. 31 अक्टूबर को अहोई अष्टमी
पति की लम्बी उम्र के बाद बच्चों की लम्बी उम्र और सफलता के लिए महिलाएं अहोई माता का व्रत रखती हैं। कार्तिक मास की कृण्षपक्ष की अष्टमी को मनाया जाने वाला ये व्रत करवाचौथ के चौथे दिन मनाया जाता है। इस दिन महिआएं अपनी संतान के लिए व्रत रखती हैं और मां अहोई की उपासना करती हैं।
5. चार नवम्बर को धनतेरस
अश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को दीवाली के एक दिन पहले पड़ने वाले धनतेरस पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन घर में नई चीज लाने से मां लक्ष्मी का भी घर में आगमन होता है। इस दिन लोग घर में सोने, चांदी के सिक्के, गहने, नये बर्तन आदि लाते हैं।
6. छह नवम्बर को नरक चतुर्दशी
इसे छोटी दिवाली के रूप में भी मनाते है। इस दिन लोग अपने घरों में दिया जलाते हैं। माना जाता है कि इस दिन साफ-सफाई करने और अपने घर में उजाला करने से मां लक्ष्मी का घर में आगमन होता है।
7. सात नवम्बर को दीवाली
दशहरा के 20 दिन बाद देश में रोशनी को त्योहार दिवाली को पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार दीवाली 7 नवम्बर को पड़ रही है। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाने वाली इस दीवाली में लोग मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा करते हैं।
8. आठ नवम्बर को गोवर्धन पूजा
कारयस्थ समाज की सबसे बड़ी पूजा गोवर्धन पूजा दीवाली के ठीक अगले दिन आती है। इस बार ये पूजा 8 नवम्बर को पड़ रही है। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को अश्विन मास में की जाने वाली इस पूजा में श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है।
9. नौ नवम्बर का भाई-दूज
भाई-बहनों का ये पवित्र त्योहार इस बार 9 नवम्बर को पड़ रहा है। दीवाली के तीसरे दिन मनाया जाने वाल ये त्योहार भाई और बहनों के प्रेम को दर्शाता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों का टीका काढ़ती हैं और उनकी सफलता की दुआएं मांगती है।
10. 13 नवम्बर छठ पूजा
दीवाली के 6वें दिन पड़ने वाली छठ पूजा को महापर्व भी कहा जाता है। सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं तीन दिन का कठिन व्रत रखती हैं और माना जाता है कि छठ मइया इस दिन जातकों की सभी मनोकानाएं पूरी कर देती है।