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Chaitra Navratri 2026: माता के दरबार में शीश झुकाने का सबसे उत्तम समय, चैत्र नवरात्रि में भारत के इन 10 दिव्य मंदिरों की करें यात्रा

By अंजली चौहान | Updated: March 15, 2026 14:35 IST

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो माँ दुर्गा और उनके नौ शक्तिशाली रूपों को समर्पित है।

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Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि का त्योहार एक ऐसा त्योहार है जिसमें नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है और इस बार मार्च में चैत्र नवरात्रि मनाई जाएगी। जो एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है यह त्योहार नौ दिनों तक चलता है और पूरे भारत में प्रार्थना, उपवास और मंदिरों में जाकर मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है, जो इसे भक्तों के लिए आध्यात्मिक रूप से बहुत खास बनाता है।

2026 में, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च को शुरू होगी और 27 मार्च को समाप्त होगी, जिसमें आखिरी दिन राम नवमी मनाई जाएगी। नवरात्रि का हर दिन देवी के एक अलग रूप को समर्पित होता है, और बहुत से लोग इस पवित्र समय को प्रसिद्ध शक्ति मंदिरों में जाकर शांति, शक्ति और सौभाग्य के लिए आशीर्वाद लेने के लिए चुनते हैं।

देवी माँ के मंदिर इन नौ दिनों में से हर दिन आरती और बहुत भक्ति के साथ विशेष समारोह मनाते हैं। चैत्र नवरात्रि के दौरान पवित्र मंदिरों में जाकर, लोग सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रगति का लाभ पा सकते हैं; यह माँ दुर्गा का आशीर्वाद पाने का एक अवसर हो सकता है। नीचे भारत के उन सबसे लोकप्रिय मंदिरों की एक सूची दी गई है जहाँ चैत्र नवरात्रि के दौरान जाना चाहिए, क्योंकि उनका आध्यात्मिक महत्व है और वे माँ दुर्गा से गहरे रूप से जुड़े हुए हैं।

चैत्र नवरात्रि में घूमने लायक शीर्ष 10 मंदिर

1- चामुंडा देवी मंदिर, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)

चामुंडा देवी मंदिर उत्तरी भारत के सबसे सम्मानित शक्ति मंदिरों में से एक है। यह देवी दुर्गा की, चंड और मुंड राक्षसों पर हुई विजय से जुड़ा हुआ है।

नवरात्रि के दौरान, विशेष आरती और वैदिक मंत्र एक शक्तिशाली भक्तिमय वातावरण बनाते हैं।

2- तारा देवी मंदिर, शिमला (हिमाचल प्रदेश)

शिमला के पास एक शांत पहाड़ी पर स्थित तारा देवी मंदिर, देवी दुर्गा के उग्र लेकिन प्रेमपूर्ण रूप को समर्पित है, जिन्हें माँ तारा के नाम से जाना जाता है। यह चीड़ के पेड़ों के बीच एक सुंदर जगह पर स्थित है और आपको आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ शानदार प्राकृतिक दृश्य भी प्रदान करता है।

चैत्र नवरात्रि त्योहार के दौरान प्रार्थना करने आने वाले भक्तों के अनुसार, इस मंदिर में प्रार्थना करने से आपको वह आंतरिक शक्ति मिलती है जो आपकी रक्षा करती है।

3- मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार (उत्तराखंड)

मनसा देवी मंदिर हरिद्वार के सबसे ऊँचे पर्वत पर स्थित है। यह माँ का एक सिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। आप नवरात्रि के अवसर पर अपने परिवार के साथ मनसा देवी मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहाँ विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, और भक्त दूर-दूर से माँ के दर्शन के लिए आते हैं।

4- ज्वाला देवी मंदिर, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)

ज्वाला देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित है। यह माँ का एक सिद्ध पीठ मंदिर है, और पूरे देश से भक्त यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है कि ज्वाला देवी में देवी सती की जीभ गिरी थी, और इस स्थान पर अनादि काल से ही धरती के गर्भ से अग्नि की कई लपटें निकल रही हैं। यह अग्नि कभी शांत नहीं होती। इस नवरात्रि आप अपने परिवार के साथ माँ के दर्शन के लिए जा सकते हैं। इसे एक सिद्ध पीठ माना जाता है, और यहाँ पूजा-अर्चना के लिए नवरात्रि का समय सबसे अधिक शुभ और शक्तिशाली माना जाता है।

5- कालीघाट काली मंदिर, कोलकाता (पश्चिम बंगाल)

कालीघाट मंदिर 51 शक्ति पीठों में से एक है और इसका आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है। मान्यता के अनुसार, देवी सती के पैर की उंगलियाँ यहाँ गिरी थीं।

यह मंदिर श्री रामकृष्ण परमहंस से गहरा जुड़ा हुआ था, जिससे इसकी आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है।

6- नैना देवी मंदिर, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश)

नैना देवी मंदिर उत्तराखंड की सुंदर मल्लताल घाटियों में स्थित है। कहा जाता है कि किसी समय यह महर्षि अत्रि, पुलस्त्य और पुलह की तपस्थली हुआ करती थी। नवरात्रि के शुभ अवसर पर दूर-दूर से भक्त नैना देवी मंदिर आते हैं और माँ की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

चैत्र नवरात्रि के दौरान, भक्त यहाँ जीवन में ज्ञान, दृष्टि और स्पष्टता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एकत्रित होते हैं।

7- कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी (असम)

कामाख्या मंदिर असम की नीलाचल पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। आप नवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। देश के कोने-कोने से भक्त यहाँ माँ की पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए आते हैं।

यह 108 शक्ति पीठों में से एक है और नवरात्रि के दौरान पूरे भारत से तीर्थयात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

8- झंडेवालान मंदिर, दिल्ली

इस नवरात्रि आप अपने परिवार के साथ दिल्ली में स्थित झंडेवालान मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। यह प्राचीन मंदिर करोल बाग में है। यह सिद्धपीठ मंदिर 100 साल से भी ज़्यादा पुराना है। नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

9- वैष्णो देवी मंदिर, कटरा (जम्मू और कश्मीर)

इस नवरात्रि आप अपने परिवार के साथ माँ वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। यह मंदिर त्रिकूट पहाड़ियों में समुद्र तल से 15 हज़ार मीटर से भी ज़्यादा की ऊँचाई पर स्थित है। जम्मू और कश्मीर के कटरा में वैष्णो देवी का मंदिर है। नवरात्रि के मौके पर देश के हर कोने से श्रद्धालु वैष्णो देवी के दर्शन करने जाते हैं।

10- कालकाजी मंदिर, दिल्ली

इस साल आप अपने परिवार के साथ कालकाजी मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। माँ काली का यह प्रसिद्ध मंदिर दिल्ली में है। नवरात्रि के दौरान दिल्ली के हर कोने से श्रद्धालु इस मंदिर के दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर 3 हज़ार साल पुराना है। पौराणिक मान्यता है कि यह मंदिर महाभारत काल से ही यहाँ मौजूद है। इस मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

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