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बसंत पंचमी 2018: बेहतर भविष्य पाने के लिए करें ये काम

By गुलनीत कौर | Updated: January 22, 2018 08:57 IST

हिन्दू धर्म में माघ शुक्ल की पंचमी तिथि को विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की उपासना की जाती है।

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'आई बसंत, पाला उडंत'... भारत में हर धर्म, जाति, सम्प्रदाय और मान्यताओं से जुड़े हर छोटे-बड़े त्यौहारों को धूम धाम से मनाया जाता है। इतना ही नहीं, भारत में कुछ त्यौहार तो ऐसे भी हैं जिन्हें भारत के कोने-कोने में अलग-अलग रूप से मनाया जाता है। इन्हीं त्यौहारों में से एक है 'बसंत पंचमी' का त्यौहार। यह त्यौहार केवल किसी धर्म या सम्प्रदाय से जुड़ा ना होकर, भारत के छः मौसमों में से एक 'बसंत ऋतु' को दर्शाने वाला पर्व है। 

बसंत ऋतु का आगमन

खिले-खिले फूल, सोने जैसे चमकते खेत और हर जगह हरियाली... यह दर्शाता है कि भारत में बसंत के मौसम ने दस्तक दे दी है। बसंत ऋतु का मौसम प्राचीन भारत और नेपाल में बांटे गए छः मौसमों में से सबसे प्रिय मौसम कहलाता है। इस मौसम को पूरे भारत में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। कोई इसदिन पीले वस्त्र पहनता है तो कोई पतंग उढ़ाकर अपने उत्साह को दर्शाता है। लेकिन बसंत पंचमी का पौराणिक इतिहास क्या है आइए आपको बताते हैं। 

हिन्दू धर्म में माघ शुक्ल की पंचमी तिथि को विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की उपासना की जाती है। मान्यता है कि इसीदिन विद्या की देवी मां सरस्वती का विच रचियता ब्रह्मा जी द्वारा प्राकट्य हुआ था। इसी कथा को आधार मानते हुए यह दिन मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। 

मां सरस्वती की पूजा

मां सरस्वती को चूकी वाणी, बुद्धि और विद्या की देवी कहा जाता है, इसलिए इसदिन उनका विधिवत पूजन और विद्या समबन्धी वस्तुओं का दान-पुण्य किया जाता है। देवी को पीला रंग पसंद है, इसलिए इसदिन लोग पीले वस्त्र पहनते हैं और पीले रंग के ही व्यंजन तैयार करके देवी को भोग लगाते हैं। मां सरस्वती के अलावा इसदिन सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु और कामदेव की भी पूजा की जाती है। 

क्या करें बसंत पंचमी के दिन?

धार्मिक कार्यों के अलावा भी बसंत पंचमी के दिन कुछ खास काम किए जाते हैं। मान्यता है कि यदि शिक्षा से जुड़ा कोई काम या फिर कोई नया काम करने का विचार बनाया हो, जिसमें किसी भी हाल में सफलता चाहते हों, तो वह बसंत पंचमी के दिन यदि किया जाए तो उस काम में सफलता अवश्य मिलती है। 

दान-पुण्य करना ना भूलें

इसके अलावा शिक्षा संबंधी वस्तुओं जैसे कि किताबें, पेन, पेंसिल, बैग, आदि चीजों को गरीबों में या जरूरतमंदों में दान करने से व्यक्ति की बुद्धि और विद्या शक्ति में इजाफा होता है। 

टॅग्स :बसंत पंचमीहिंदू धर्म
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