लाइव न्यूज़ :

Adhik Maas Pradosh Vrat 2023: कब है अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत? जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त

By अंजली चौहान | Updated: July 28, 2023 19:00 IST

प्रदोष व्रत भगवान शिव का अति प्रिय दिन है। अधिकमास के रवि प्रदोष व्रत के दिन रवि योग का संयोग भी बन रहा है।

Open in App
ठळक मुद्दे अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत 30 जुलाई को है इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है

Adhik Maas Pradosh Vrat 2023: हिंदू धर्म में किसी भी दिन और त्योहार का खास महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस समय सावन का महीना चल रहा है और अधिकमास का समय है। अभी अधिकमास का शुक्ल पक्ष चल रहा है।

इस माह में प्रदोष व्रत पड़ने वाला है जो कि बहुत खास है। पंचांग के अनुसार, अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत 30 जुलाई 2023 रविवार को है।

इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, अधिकमास का महीना भगवान विष्णु को समर्पित है और यह तीन साल में एक बार आता है इसलिए इसमें पड़ने वाले व्रत-त्योहार का विशेष महत्व है।

रवि प्रदोष व्रत बहुत महत्वपूर्ण है और इसमें भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की कृपा एक साथ भक्तों पर होगी। 

अधिकमास रवि प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन अधिकमास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 30 जुलाई 2023 को सुबह 10:34 बजे प्रदोष व्रत शुरू होगा। इस तिथि की समाप्ति 31 जुलाई 2023 सोमवार को सुबह 07:26 मिनट होगा।

शिव पूजा समय: शाम 07:14 - रात: 09:19 (30 जुलाई 2023) 

गौरतलब है कि अधिकमास के पहले प्रदोष व्रत के दिन इंद्र योग, रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। शिव पूजा करने वाले व्रती के हर कार्य इस दिन सफल होंगे।

- रवि योग: 30 जुलाई 2023, रात 09:32 - 31 जुलाई 2023, सुबह 05:42- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 05:41 - रात 09:32- इंद्र योग: 29 जुलाई 2023, सुबह 09:34 -  30 जुलाई 2023, सुबह 06:34

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन करें ये काम 

1- रवि प्रदोष व्रत की शाम दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। मान्यता है कि ये उपाय वृद्धि और सुख शांति बनाए रखने में कारगर साबित होता है।

2- घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए रवि प्रदोष व्रत के दिन जौ का आटा भगवान शंकर के चरणों पर स्पर्श कराएं और फिर इसकी रोटियां बनाए। इससे बनी रोटी को गाय के बछड़े या बैल को खिलाए इससे घर में सुख शांति का वास होता है। धन लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है और  आर्थिक समृद्धि बढ़ती है।

3- प्रदोष व्रत भगवान शिव का अति प्रिय दिन है। अधिकमास के रवि प्रदोष व्रत के दिन रवि योग का संयोग भी बन रहा है। ऐसे में इस दिन सुबह उठकर नहा-धोकर सूर्य देवता को जल चढ़ाना बहुत शुभ है। सूर्य देव को जल चढ़ाने के लिए जल में तिल, फूल, गुड़ मिलाकर अर्घ्य दें। मान्यता है कि इससे सम्मान में बढ़ोत्तरी होती है और व्यापार फलता-फूलता है। 

(डिस्क्लेमर: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श लें। लोकमत हिंदी इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।)

टॅग्स :सावनभगवान शिवहिंदू त्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठVat Savitri Vrat 2026 Paran Time: जानिए 17 मई को कितने बजे तक कर सकेंगी पारण, क्या है शुभ समय

भारतPM मोदी, महापूजा और एयर शो... सोमनाथ से आईं शानदार तस्वीरें

भारतVIDEO: सोमनाथ अमृत महोत्सव में 'सूर्य किरण' टीम का एयर शो, दिखाए शानदार करतब

भारतVIDEO: PM मोदी ने सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, हेलीकॉप्टर से हुई फूलों की वर्षा

पूजा पाठदो कैलाश, दो अलग अनुभव; क्या आप जानते हैं आदि कैलाश और मानसरोवर के बीच का भूगोल? शिव यात्रा चुनने से पहले जरूर जान लें ये 5 बातें

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 19 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 19 May 2026: रोजमर्रा के कामों में आ सकती हैं रुकावटें, जानें अपना भाग्यफल

पूजा पाठPanchang 18 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 18 May 2026: आज कर्क समेत 5 राशियों के लिए भाग्यशाली है दिन, नौकरी-व्यापार में प्राप्त होंगे नए अवसर

पूजा पाठपंच केदार तीर्थयात्राः रहिए तैयार, 18 मई को खुलेंगे श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, पवित्र डोली धार्मिक मंत्रोच्चार, पुष्प वर्षा और गढ़वाल राइफल्स सेना बैंड द्वारा बजाई गई धुनों के बीच रवाना