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यह राज्यसभा का 250 वां सत्र, 26 नवंबर को संविधान दिवस, संविधान के 70 साल होंगेः मोदी

By भाषा | Updated: November 18, 2019 13:13 IST

प्रधानमंत्री ने सत्र शुरू होने से पहले संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिये तैयार है। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हुआ और 13 दिसंबर तक चलेगा। मोदी ने कहा कि शीतकालीन सत्र 2019 में संसद का अंतिम और एक बहुत महत्वपूर्ण सत्र होगा।

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ठळक मुद्देसंसद का शीतकालीन सत्र उच्च स्तर की चर्चा के साथ सार्थक होना चाहिए : मोदी।संविधान एकता, अखंडता, विविधता और देश की खूबसूरती को खुद में समेटे हुए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उम्मीद जताई कि संसद का शीतकालीन सत्र उच्च स्तर की चर्चा के साथ सार्थक सत्र होगा, जिसमें सभी सांसद अपना-अपना योगदान देंगे।

प्रधानमंत्री ने सत्र शुरू होने से पहले संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिये तैयार है। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हुआ और 13 दिसंबर तक चलेगा। मोदी ने कहा कि शीतकालीन सत्र 2019 में संसद का अंतिम और एक बहुत महत्वपूर्ण सत्र होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यह राज्यसभा का 250 वां सत्र है। इस सत्र के दौरान 26 नवंबर को संविधान दिवस भी आता है जब हमारा संविधान 70 वर्ष पूरे करेगा। संविधान एकता, अखंडता, विविधता और देश की खूबसूरती को खुद में समेटे हुए है। प्रधानमंत्री ने कहा कि संविधान का 70 वां वर्ष देश के लोगों की जागरूकता के लिये भी एक अवसर होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्हें सभी दलों के नेताओं से मिलने का मौका मिला। यह सत्तापक्ष की सफलता नहीं है। बल्कि, यह समूचे सदन की सफलता है।

मोदी ने कहा, ‘‘इसका श्रेय सभी सांसदों को जाता है। मैं सांसदों की सक्रिय सकारात्मक भूमिका के लिये उनका आभार प्रकट करता हूं।’’ मोदी ने कहा कि यह सत्र देश के विकास में तेजी लाएगा। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि शीतकालीन सत्र सांसदों को देश की विकास यात्रा को मजबूत करने में और उस तेज गति से बढ़ने में भी सक्षम बनाएगा, जिस रफ्तार से दुनिया आगे बढ़ रही है।

गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र से पहले मोदी ने रविवार को एक सर्वदलीय बैठक में भरोसा दिलाया था कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिये तैयार है। हालांकि, विपक्ष ने अर्थव्यवस्था में नरमी और कृषि संकट पर चिंता जताई तथा हिरासत में लिए गए लोकसभा सदस्य फारूक अब्दुल्ला को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की इजाजत देने की मांग की। भाषा भाषा सुभाष माधव अविनाश

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