लाइव न्यूज़ :

जम्मू-कश्मीर में BJP को झटका, भाजपा नेताओं की जान सांसत में, हत्या, अपहरण और धमकियों के बाद करीब आधा दर्जन ने छोड़ दी पार्टी

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: July 16, 2020 15:12 IST

कश्मीर में भाजपा का साथ छोड़ने वालों में दो प्रमुख नेता बारामुल्ला के भाजपा युवा मोर्चा इकाई के प्रधान मारूफ बट तथा कुपवाड़ा के भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आसिफ अहमद भी हैं। दोनों ने बांदीपोरा के पूर्व जिलाध्यक्ष शेख वसीम बारी की हत्या के बाद ऐसा कदम उठाया।

Open in App
ठळक मुद्देभाजपा के अन्य नेता इससे इंकार करते हैं, पर भाजपा का साथ छोड़ने वालों ने जान बचाने की खातिर ऐसा किया है। बकायदा फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफों की घोषणा करते हुए सुरक्षा के मुद्दे को उठाया था। पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर राज्य के दो टुकड़े कर देने की कवायद के बाद से ही भाजपा नेता व कार्यकर्ता आतंकियों के निशाने पर थे।

जम्मूः कश्मीर में भाजपा नेताओं की जान सांसत में है। नतीजा सामने है। एक भाजपा नेता की हत्या, एक के अपहरण और बाकी को आतंकियों द्वारा जारी की गई धमकियों के परिणामस्वरूप आधा दर्जन भाजपा नेता एक सप्ताह में भाजपा का दामन छोड़ चुके हैं।

कश्मीर में भाजपा का साथ छोड़ने वालों में दो प्रमुख नेता बारामुल्ला के भाजपा युवा मोर्चा इकाई के प्रधान मारूफ बट तथा कुपवाड़ा के भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आसिफ अहमद भी हैं। दोनों ने बांदीपोरा के पूर्व जिलाध्यक्ष शेख वसीम बारी की हत्या के बाद ऐसा कदम उठाया।

हालांकि भाजपा के अन्य नेता इससे इंकार करते हैं, पर भाजपा का साथ छोड़ने वालों ने जान बचाने की खातिर ऐसा किया है। कइयों ने बकायदा फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफों की घोषणा करते हुए सुरक्षा के मुद्दे को उठाया था।

सुरक्षाधिकारियों ने इसे माना था कि पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर राज्य के दो टुकड़े कर देने की कवायद के बाद से ही भाजपा नेता व कार्यकर्ता आतंकियों के निशाने पर थे। इस अवधि में आतंकियों ने कइयों पर जानलेवा हमले भी किए थे। अब जबकि आतंकी खुलकर भाजपा नेतओं को पोस्टरों के माध्यम से धमकियों व चेतावनियांें को जारी करने लगे तो जान बचाने की खातिर भाजपा नेताओं ने पार्टी के अतिरिक्त राजनीति से भी किनारा करने के एलान करने आरंभ कर दिए।

पिछले शनिवार को ही तहरीकुल मुजाहिदीन ने इस आशय के पोस्टर चस्पा किए थे जिन्हें बाद में उतार तो लिया गया था पर वे अपना असर जरूर छोड़ गए थे। जान बचाने की खातिर भाजपा का दामन छोड़ने वाले कश्मीर के भाजपा नेताओं के लिए दुखद स्थिति यह कही जा सकती है कि उनके इस्तीफों पर भाजपा के लोगों ने उन पर आरोप लगा दिए कि उन्होंने निजी स्वार्थों के लिए पार्टी ज्वायन की थी।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)भारतीय सेनाजेपी नड्डागृह मंत्रालयअमित शाहनरेंद्र मोदीटेरर फंडिंगआतंकवादीआतंकी हमलागिरीश चंद्र मुर्मू
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

राजनीति अधिक खबरें

राजनीतिDUSU Election 2025: आर्यन मान को हरियाणा-दिल्ली की खाप पंचायतों ने दिया समर्थन

राजनीतिबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलीं पाखी हेगड़े, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

राजनीतिBihar voter revision: वोटरों की सही स्थिति का पता चलेगा, SIR को लेकर रूपेश पाण्डेय ने कहा

राजनीतिबिहार विधानसभा चुनावः बगहा सीट पर बीजेपी की हैट्रिक लगाएंगे रुपेश पाण्डेय?

राजनीतिगोवा विधानसभा बजट सत्रः 304 करोड़ की 'बिना टेंडर' परियोजनाओं पर बवाल, विपक्ष का हंगामा