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Gold Deposit Scheme: अब घर में रखा सोना कमाएगा पैसा, SBI की ये स्कीम दे रही है मौका

By स्वाति सिंह | Updated: November 24, 2019 15:05 IST

एसबीआई की जिस स्कीम की हम बात कर रहे हैं उसका नाम Revamped Gold Deposit Scheme (R-GDS) है। एसबीआई के अनुसार, ग्राहक के घर में अगर बिना यूज वाला सोना रखा है तो उसे आर-जीडीएस के तहत जमा कर सकते हैं।

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ठळक मुद्देR- GDS स्कीम के तहत गोल्ड जमा करके 2.25 से 2.50 प्रतिशत तक का ब्याज कमाया जा सकता है।केंद्र, राज्य की कंपनियों और चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस को निवेश की अनुमति दी है।

बचत और कमाई करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं। लेकिन घर में रखे सोने से भी कमाई की जा सकती है, इसकी जानकारी ज्यादातर लोगों को नहीं होती। हम आपको बता रहे हैं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक ऐसी स्कीम के बारे में जिसके जरिए घर में फालतू रखे सोने से कमाई की जा सकती है। 

Revamped Gold Deposit Scheme (R-GDS)

एसबीआई की जिस स्कीम की हम बात कर रहे हैं उसका नाम Revamped Gold Deposit Scheme (R-GDS) है। एसबीआई के अनुसार, ग्राहक के घर में अगर बिना यूज वाला सोना रखा है तो उसे आर-जीडीएस के तहत जमा कर सकते हैं। इस स्कीम में ग्राहको को सुरक्षा और ब्याज पर आय प्रप्त होती है। आर-जीडीएस का उद्देश्य देश में निष्क्रिय सोने को जुटाना और इसे उत्पादक उपयोग में लाना है।

इन चीजों को कर सकते हैं जमा :

इस स्कीम में ग्राहक सोने की चेन, सिक्के, ज्वैलरी सहित अन्य धातुओं के रूप में सोना जमा कर सकते हैं। आर-जीडीएस में सोना जमा करने के लिए ग्राहकों को आवेदन पत्र, पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और इन्वेंट्री फॉर्म जमा करना होता है।

R- GDS तीन प्रकार के होते हैं:

शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD), मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (MTGD) और लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (LTGD)

1. शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD): 1 से 3 साल के लिए होता है।2. मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (MTGD): 5 से 7 साल के लिए होता है।3. लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (LTGD): 12 से 15 साल के लिए होता है।

सोना जमा करने की मात्रा :एक व्यक्ति आर-जीडीएस के तहत न्यूनतम 30 ग्राम सोना जमा कर सकता है। जमा की कोई अधिकतम सीमा नहीं है।

ब्याज कितना मिलेगा?

R- GDS स्कीम के तहत गोल्ड जमा करके 2.25 से 2.50 प्रतिशत तक का ब्याज कमाया जा सकता है। RBI ने गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) से जुड़े नियम में बदलाव किया है। इस बदलाव में केंद्र, राज्य की कंपनियों और चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस को निवेश की अनुमति दी है।

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