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विवेक सागर प्रसाद एफआईएच सम्मान के लिए फिर से नामांकित होने पर अभिभूत

By भाषा | Updated: August 24, 2021 18:49 IST

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भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि ‘एफआईएच (अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ) के साल का सर्वश्रेष्ठ उभरता हुआ खिलाड़ी’ के पुरस्कार लिए उन्हें करियर में दूसरी बार नामांकन मिलेगा। प्रसाद 2019-20 सत्र में इस पुरस्कार को हासिल कर चुके हैं।  प्रसाद इस महीने की शुरुआत में तोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल थे। यह चार दशकों में टीम का पहला ओलंपिक पदक था।हॉकी इंडिया से जारी विज्ञप्ति में प्रसाद ने कहा, ‘‘ मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दोबारा होगा। उसी श्रेणी में दूसरी बार नामांकित होना अच्छा अहसास है।’’उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे इसके बारे में देर रात को तब पता चला जब मैंने अपने दोस्तों के संदेश देखे, जिसमें वे मुझे बधाई दे रहे थे। सच कहूं तो यह वाकई में शानदार है।’’तोक्यो में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम के खिलाड़ी और कोच एफआईएच पुरस्कार 2020-21 की  लगभग सभी श्रेणियों में नामांकन हासिल करने में सफल रहे। इस 21 साल के खिलाड़ी ने अपने नामांकन का श्रेय टीम के अपने सीनियर खिलाड़ियों को दिया।उन्होंने कहा, ‘‘यह ‘टीम वर्क (सामूहिक प्रयास)’ और सीनियर खिलाड़ियों के समर्थन का नतीजा है। मेरे पदार्पण के बाद से, ये सीनियर खिलाड़ी मेरी प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘ उन्होंने मुझे बिना किसी डर और दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलने में मदद की है। यही सबसे बड़ा कारण है कि मैं ‘2019 एफआईएच साल का सर्वश्रेष्ठ उभरता हुआ खिलाड़ी’ का पुरस्कार जीत सका और अब दूसरी बार इस खिताब को हासिल करने का मौका मिला है।’’प्रसाद ने कहा कि ओलंपिक कांस्य पदक जीतने की खुशी में अभी तक कोई कमी नहीं आयी है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं ओलंपिक पदक विजेता टीम का हिस्सा था। यह हर खिलाड़ी का सपना होता है। मैं 21 साल की उम्र में इस सपने को पूरा में सफल होने पर खुद को भाग्यशाली समझता हूं।’’उन्होंने कहा कि हमने अपने खेल का स्तर ऊंचा किया है लेकिन इसमें और सुधार करना होगा। प्रसाद ने कहा, ‘‘ हमें यह भी महसूस करना होगा कि यह अभी शुरुआत है। अभी खेल में सुधार की बहुत गुंजाइश है। हमने अपने खेल के स्तर को ऊंचा किया है और अब हमें और बेहतर करना होगा। आगे और भी चुनौतियां होंगी। उसके लिए हमें पूरी तरह से तैयार रहने की जरूरत है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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