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मुस्लिमों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर बीजेपी ने किया सवाल, आठवले बोले- शिवसेना को मुसीबत में डालना चाहती है कांग्रेस-राकांपा

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: February 29, 2020 09:14 IST

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में शिक्षा में मुस्लिमों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा राकांपा और कांग्रेस का शिवसेना को मुश्किल में डालने का प्रयास है.

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ठळक मुद्देराकांपा नेता मलिक ने विधान परिषद को बताया कि सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिमों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव दिया है.फड़नवीस ने संवाददाताओं से कहा, ''बाबासाहब के बनाए संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है.''

एजेंसी महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक द्वारा शिक्षा में मुस्लिमों को आरक्षण देने की घोषणा करने के बाद भाजपा ने इस मुद्दे पर अपने पूर्व सहयोगी दल शिवसेना के रुख पर शुक्रवार को सवाल उठाए. विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने यह भी दावा किया कि मुस्लिमों के लिए आरक्षण असंवैधानिक है. इससे अन्य पिछड़ा वर्ग और मराठा आरक्षण प्रभावित होगा. राकांपा नेता मलिक ने विधान परिषद को बताया कि सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिमों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव दिया है. इसके लिए राज्य सरकार कानून लाएगी.

फड़नवीस ने संवाददाताओं से कहा, ''बाबासाहब के बनाए संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है. मुस्लिम समुदाय के लोग सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए दिए जा रहे दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ ले सकते हैं. इसके बावजूद यह घोषणा की गई. हम शिवसेना से जानना चाहते हैं कि उसने किन मुद्दों पर आपस में समझौता कर लिया है.''

फड़नवीस ने कहा, ''हमें जानना चाहिए कि किन मुद्दों पर शिवसेना ने समझौता कर सरकार बनाने के लिए अपनी विचारधारा का परित्याग कर दिया है.'' उन्होंने आरोप लगाया कि अगर मुस्लिमों को अतिरिक्त आरक्षण दिया गया तो अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा.

मुस्लिमों को आरक्षण देकर शिवसेना को मुसीबत में डालना चाहती हैं कांग्रेस और राकांपा : आठवले

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में शिक्षा में मुस्लिमों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा राकांपा और कांग्रेस का शिवसेना को मुश्किल में डालने का प्रयास है. शिवसेना धर्म के आधार पर आरक्षण के खिलाफ है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को महाविकास आघाड़ी की सरकार छोड़कर फिर भाजपा के साथ आ जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी मुस्लिमों को शिक्षा में पांच प्रतिशत आरक्षण देने के खिलाफ नहीं है. अठावले ने यहां राज्य विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, ''तत्कालीन कांग्रेस-राकांपा सरकार ने मुस्लिमों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिया था. लेकिन यहां कांग्रेस-राकांपा इस मुद्दे पर शिवसेना को मुसीबत में डालने की कोशिश कर रही है, क्योंकि शिवसेना ऐसे आरक्षण की विरोधी है. वे उद्धव ठाकरे को फंसाने की कोशिश कर रही हैं. हम उद्धव जी से अनुरोध करते हैं कि वे बालसाहब ठाकरे के सपनों को सच करने के लिए भाजपा से फिर हाथ मिला लें.'' आठवले ने यह भी कहा कि ठाकरे किसी दिन कांग्रेस और राकांपा से आजिज आकर सरकार से नाता तोड़ लेंगे.

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