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योगी आदित्यनाथ बोले- मैंने खुद पर दर्ज कोई मुकदमा वापस नहीं लिया, अखिलेश यादव ने 2016 में खुद ऐसा किया था

By शिवेंद्र राय | Updated: March 2, 2023 16:43 IST

राम चरित मानस विवाद पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि समस्या का समाधान इसपर निर्भर करता है कि सलाहकार कौन है? दुर्योधन का सलाहकार शकुनि था, अर्जुन के श्रीकृष्ण थे। परिणाम सामने है। शकुनि को पालेंगे तो सत्यानाश होना ही है।

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ठळक मुद्देअखिलेश यादव के आरोपों पर योगी आदित्यनाथ का जवाबकहा- मैंने खुद पर दर्ज कोई मुकदमा वापस नहीं लियाकहा- अखिलेश यादव ने खुद पर दर्ज मुकदमे को साल 2016 में वापस लिया था

लखनऊ: इन दिनों उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र चल रहा है। बीते दिनों समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर खुद पर और  राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर लगे मुकदमे वापस लेने का आरोप लगाया था। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधान परिषद में अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब दिया है।

विधान परिषद में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पेश बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,  "कल सपा के नेता ने एक वक्तव्य दिया था कि मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमे वापस लिए हैं> पिछले छह सालों के दौरान न तो मुख्यमंत्री और न ही उपमख्यमंत्री ने अपने ऊपर दर्ज कोई भी मुकदमा वापस नहीं लिया है।"

सीएम योगी ने आगे कहा, "सच यह है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुद पर दर्ज मुकदमे को साल 2016 में अपने हस्ताक्षर से वापस लेने का काम किया था। यह मुकदमा वापस कैसे हुआ, हमें तो आश्चर्य होता है, क्योंकि चुनाव आयोग द्वारा दायर किया गया मुकदमा वापस हो ही नहीं सकता था। यह आयोग की इजाजत के बगैर नहीं हो सकता था, लेकिन उन्होंने यह मुकदमा वापस लिया था और वह दूसरों को उपदेश देते हैं। समाजवादी पार्टी की सरकार में अपराधी तो सरकार के सरपरस्त थे ही, देशद्रोहियों और आतंकवादियों के मुकदमे भी वापस लिए जाते थे। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, बिजनौर, कानपुर और रामपुर में उन अपराधियों और आतंकवादियों के मुकदमों को वापस लेने का दुस्साहस भी समाजवादी पार्टी की सरकार ने किया था।"

राम चरित मानस विवाद पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा, "समस्या का समाधान इसपर निर्भर करता है कि सलाहकार कौन है? दुर्योधन का सलाहकार शकुनि था, अर्जुन के श्रीकृष्ण थे। परिणाम सामने है। शकुनि को पालेंगे तो सत्यानाश होना ही है। यह बात विपक्ष समझ पाएगा तो संभवत कुछ सद्बुद्धि आए। विरासत को अपमानित करने वाले लोगों को पहचानने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश में जिन लोगों ने प्रभु श्री राम को कोसा था, जनता ने उन्हें 'कहां' पहुंचा दिया, सभी जानते हैं।"

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