लाइव न्यूज़ :

बेंगलुरु के डॉक्टरों की सर्जरी से शेनाज़ बोलने लगी, 20 साल से अधिक समय से अपना मुंह खोलने में असमर्थ थी

By अनुभा जैन | Updated: July 14, 2024 15:33 IST

World Plastic Surgery Day: पिछले 20 सालों से शेनाज़ अपना मुंह नहीं खोल पा रही थी, ऐसे में उसका जबड़ा बड़ा हो गया। उसके चेहरे का ऊपरी हिस्सा उम्र के साथ बड़ा हो गया लेकिन निचला हिस्सा विकसित नहीं हो सका क्योंकि निचला जबड़ा ऊपरी जबड़े के अंदर ही बढ़ रहा था।

Open in App
ठळक मुद्देबेंगलुरु के डॉक्टरों की सर्जरी से शेनाज़ बोलने लगी20 साल से अधिक समय से अपना मुंह खोलने में असमर्थ थीअसम की 29 वर्षीय शेनाज़ खातून पिछले 20 वर्षों से बिना बोले अपना जीवन जी रही थीं

World Plastic Surgery Day: पिछले 20 सालों से शेनाज़ अपना मुंह नहीं खोल पा रही थी, ऐसे में उसका जबड़ा बड़ा हो गया। उसके चेहरे का ऊपरी हिस्सा उम्र के साथ बड़ा हो गया लेकिन निचला हिस्सा विकसित नहीं हो सका क्योंकि निचला जबड़ा ऊपरी जबड़े के अंदर ही बढ़ रहा था।

बेंगलुरु: मुंह खोलने में असमर्थ और केवल तरल पदार्थों पर जीवित रहने वाली असम की 29 वर्षीय शेनाज़ खातून पिछले 20 वर्षों से बिना बोले अपना जीवन जी रही थीं। एक 3-डी मॉडल बनाया गया और पाया गया कि निचला जबड़ा खोपड़ी और अन्य कई बिंदुओं से जुड़ा हुआ था। इस मॉडल के माध्यम से, डॉक्टरों ने सर्जरी से पहले न्यूनतम जोखिम सुनिश्चित करने का अभ्यास किया। प्रोफेसर डॉ. सुंदर राज एलूर, बेंगलुरु के सेंट जॉन्स हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख (हैड ऑफ दी डिपार्टमेंट) के नेतृत्व में वरिष्ठ सर्जन व प्रोफेसर डॉ. विजय जोसेफ ने डॉक्टरों की टीम के साथ मिलकर सेंट जॉन्स हॉस्पिटल में 2 जुलाई को 8 घंटे की कॉम्पलेक्स सर्जरी कर शेनाज़ का 5 सेमी तक मुंह  खोलने में कामयाबी हासिल की।

अब डॉक्टर उसके चेहरे की एपियरेंस भी सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि अगले एक साल में एलाइनमेंट जबड़े की सर्जरी के जरिए उसके मुंह का खुलना और जबड़े का स्वरूप बेहतर हो जाएगा। डॉ. सुंदर राज ने बताया कि यह केस 15 जुलाई को विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के मौके पर समाज को जागरूक करने के तहत किया गया है।

लोकमत से बातचीत में लड़की की समस्या के कारण के बारे में बात करते हुये सेंट जॉन्स हॉस्पिटल में प्रोफेसर और एक वरिष्ठ सर्जन डॉ. विजय जोसेफ जो इस जटिल सर्जरी को अंजाम देने वाली टीम का हिस्सा थे, ने कहा कि पांच साल की उम्र में गिरने के बाद शेनाज़ को इस क्षेत्र में गहरी चोट लगी थी और जबड़े में सूजन आ गई थी। वह अपना निचला जबड़ा नहीं खोल सकीं और चार साल बाद 9 साल की उम्र में कोलकाता में उसकी सर्जरी की गयी। लेकिन कुछ समय बाद, उनका जबड़ा फिर से अपनी पुरानी अवस्था में आकर जुड़ गया। 

पिछले 20 सालों से वह अपना मुंह नहीं खोल पा रही थी ऐसे में उसके चेहरे का ऊपरी हिस्सा उम्र के साथ तो बड़ा हो गया लेकिन निचला हिस्सा नहीं बढ़ सका क्योंकि निचला जबड़ा ऊपरी जबड़े के अंदर ही विकसित हो गया। हाल ही में शेनाज़ को बेंगलुरु के सेंट जॉन्स हॉस्पिटल में इस बात का खुलासा हुआ कि उसका निचला जबड़ा उसकी खोपड़ी के आधार से जुड़ गया था जिससे एक कठोर गतिरोध पैदा हो गया था। सीटी स्कैन से पता चला कि खोपड़ी का एक टुकड़ा या जोड़ जो निचले जबड़े की गति में मदद करता था, वह वहां था ही नहीं जो इस प्रतिबंध का कारण था। इससे मस्तिष्क का एक हिस्सा भी एक निश्चित स्तर पर उजागर हो गया। 

बचपन में गंभीर रूप से गिरने और लगातार कान में संक्रमण के कारण उसकी पिछली सर्जरी के कारण शेनाज़ की खोपड़ी के निचले हिस्से में एक छेद हो गया और उसका जबड़ा बंद हो गया, जिससे उसके लिए स्थिति इतनी कठिन हो गई। डॉ. विजय जोसेफ ने कहा कि लड़की का निचला जबड़ा उसकी खोपड़ी से मजबूती से जुड़ा हुआ था और इसे अलग करने और मोबाइल बनाने के लिए खोपड़ी के एक हिस्से को काटने की आवश्यकता थी।

इस जटिल सर्जरी की चुनौतियों और प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए डॉ. विजय जोसेफ ने कहा, “सड़े हुए दांत डॉक्टरों की टीम के लिए एक चुनौती थे और यह उसके मुंह के इतने लंबे समय तक बंद रहने का नतीजा था। डेंटल टीम कैविटी वाले हिस्से पर काम कर रही है, दांतों को ऑर्थोडॉन्टिक तरीके से ठीक कर रही है और उसके दांतों को बचा रही है। अगर भविष्य में इसकी आवश्यकता होगी तो डेन्चर का इस्तेमाल किया जाएगा। इस क्षेत्र में एनेस्थीसिया देना एक और बड़ी चुनौती थी, इसलिए हमने इंट्राओरल और एक्स्ट्राओरल दृष्टिकोण का उपयोग किया। एक बड़ी हड्डी का भाग जो खोपड़ी से कई बिंदुओं से जुड़ा हुआ था लेकिन हमने पहले 3-डी मॉडल पर अभ्यास किया हुआ था तो आने वाली मुश्किलों का आभास था और पता था क्या करना है, इसलिए हमें यकीन था कि जो करने की जरूरत है, उसमें हड्डी का थोड़ा सा हिस्सा हटा दिया गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि पुनरावृत्ति को रोकने के लिये हम रिब कार्टिलेज का काम करते हैं। वहां हड्डी की ग्राफ्टिंग करने के साथ रिब कार्टिलेज जो उस गैप में रहता है, जिसे हमने खोपड़ी और मूल मेन्डिबल के बीच निर्मित किया और यह इसे फिर से रिफॉर्म होने से रोकेगा।”

शेनाज़ की प्रगति के बारे में बात करते हुए डॉ. विजय जोसेफ ने कहा कि वह खा सकती हैं लेकिन भोजन का बड़ा हिस्सा नहीं क्योंकि उसकी मांसपेशियों को समायोजित होने में समय लगेगा। वह मुंह खोलकर अभी भी बोल सकती है। वह भोजन का बड़ा हिस्सा निगल सकती है जो वह पिछले 20 वर्षों में कभी नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, एक बार जब वह मुंह खोलने और बंद करने में सहज हो जाएगी तो उसके बोलने संबंधी अन्य समस्यायें भी हल हो जाएंगी लेकिन इसमें समय लगेगा।

टॅग्स :बेंगलुरुमेडिकल ट्रीटमेंटMedicines and Healthcare
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टप्रोफेसर राजू से चक्कर और नंबर भी खूब दे रहे तुम्हे?, सहपाठियों ने अफवाहें फैलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, 22 वर्षीय मेडिकल छात्रा निकिता ने दी जान?, सुसाइड नोट मिला

क्राइम अलर्ट'मैं कसूरवार हूं', बच्चे की मौत का गम नहीं सह पाई मां, टेक-सिटी बेंगलुरु में महिला इंजीनियर ने की खुदखुशी

क्राइम अलर्टAI के कारण अमेरिका में नौकरी खो दी?, मुस्लिम लड़की शाज़िया सिराज से शादी, बेरोजगार सॉफ्टवेयर इंजीनियर बानू चंद्र रेड्डी और पत्नी ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा-परिवार ने नहीं दिया साथ?

क्राइम अलर्टशादी से पहले कई लड़के से संबंध, विवाह के बाद 'अमीर' दोस्तों के साथ शराब पार्टी?, सास आशा और ससुर माधव कृष्ण ने घर किया बर्बाद, पति ने परेशान होकर पत्नी पर लगाए आरोप

क्राइम अलर्टदरवाजा नहीं खोल रहा, पड़ोसियों ने देखा तो उड़े होश?, फांसी लगाकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति भानु चंद्र रेड्डी कुंटा ने दी जान, 17वीं मंजिल से कूदकर पत्नी शाजिया सिराज ने की आत्महत्या

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?