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आखिर हो क्या रहा है?, सदन से गायब हैं मंत्री, विधायक भास्कर जाधव ने कहा-आजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 10, 2025 14:33 IST

यह अध्यक्ष का अपमान है। यदि मंत्री सदन की कार्यवाही में उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।

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ठळक मुद्देआजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता। आखिर हो क्या रहा है?अधिकारी इतने उदासीन कैसे हो गए? क्या वे सदन को हल्के में लेते हैं?तनाव और बढ़ गया क्योंकि विखे पाटिल अनुपस्थित रहे।

नागपुरः शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) विधायक भास्कर जाधव ने बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा में मंत्रियों की अनुपस्थिति और इस वर्ष मानसून के मौसम में अत्यधिक बारिश से हुए नुकसान से संबंधित ध्यानाकर्षण नोटिसों पर चर्चा के दौरान जवाब न मिलने पर असंतोष व्यक्त किया। सदन में बहस के लिए दो नोटिस सूचीबद्ध किए गए थे - एक राज्य भर में बारिश से संबंधित क्षति पर और दूसरा नासिक के जलाशयों एवं जयकवाड़ी बांध से गोदावरी नदी में पानी छोड़े जाने के कारण हुई क्षति पर। जैसे ही चर्चा शुरू हुई तो जाधव ने कहा कि मंत्री ‘‘अक्सर अनुपलब्ध’’ रहते हैं और सदस्य पहले से मुद्रित उत्तर प्राप्त नहीं कर पाते हैं। जाधव ने सरकार की आलोचना करते हुए पूछा, ‘‘यह अध्यक्ष का अपमान है। यदि मंत्री सदन की कार्यवाही में उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।

आजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता। आखिर हो क्या रहा है?’’ जाधव ने पूछा कि जवाब क्यों नहीं दिए गए। उन्होंने अध्यक्ष से कड़ा कदम उठाने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘वरिष्ठ सदस्यों के नोटिस नियमित कार्यवाही का हिस्सा होने चाहिए। ...अधिकारी इतने उदासीन कैसे हो गए? क्या वे सदन को हल्के में लेते हैं?’’

मंत्री मकरंद पाटिल ने कहा कि उन्हें जवाब मिल गया है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि सदस्यों को जवाब क्यों नहीं मिला। विपक्षी विधायकों ने उनके इस स्पष्टीकरण को कार्यवाही में देरी करने का प्रयास बताया। गोदावरी नदी के संबंध में नुकसान पर दूसरे नोटिस पर चर्चा के दौरान तनाव और बढ़ गया क्योंकि विखे पाटिल अनुपस्थित रहे।

उस समय उद्योग मंत्री उदय सामंत ने हस्तक्षेप करते हुए प्रक्रियात्मक समस्याओं को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें रात के एक बजे या डेढ़ बजे सूचना मिलती है। हम जानकारी लेते हैं और तैयारी करते हैं। कभी-कभी सूचना आधी रात तक नहीं मिलती।’’ 

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