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पश्चिम बंगाल: किसानों के लिए तीन दिन धरने पर बैठेगी भाजपा, आत्महत्या करने वालों को 20 लाख मुआवजा, खाद-बीज मुफ्त बांटने की मांग

By विशाल कुमार | Updated: December 12, 2021 11:56 IST

यह धरना प्रदर्शन हूगली के सिंगूर में आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल जगदीप धनखड़ को सौंपे गए अपने ज्ञापन में भाजपा ने किसानों को खाद-बीज मुफ्त में बांटने की मांग की है. इसने उन किसानों के परिवारों के लिए 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की, जिन्होंने आत्महत्या की है।

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ठळक मुद्देपश्चिम बंगाल में भाजपा ने 14 दिसंबर से तीन दिनों तक धरना देने का फैसला किया है।यह धरना प्रदर्शन हूगली के सिंगूर में आयोजित किया जाएगा।पार्टी ने मांग की कि फसलों को किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा ने किसानों की दयनीय हालत को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ 14 दिसंबर से तीन दिनों तक धरना देने का फैसला किया है। यह धरना प्रदर्शन हूगली के सिंगूर में आयोजित किया जाएगा।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, नंदीग्राम से भाजपा विधायक और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि किसान मोर्चा (भाजपा की किसान इकाई) अगले मंगलवार से सिंगूर में इस धरने का आयोजन करेगी। यह किसान मोर्चा प्रमुख महादेव सरकार के नेतृत्व में होगा और अन्य सभी (पार्टी) नेता बारी-बारी से विरोध करने वाले किसानों से मिलेंगे।

शुभेंदु ने महादेव सरकार और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ शनिवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ से एक ज्ञापन के साथ मुलाकात की, जिसमें उन्होंने सरकार को किसानों के कल्याण के लिए कार्य करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

शुभेंदु के अनुसार, हाल ही में राज्य में तीन किसानों ने आत्महत्या की है, लेकिन बंगाल सरकार ने बीमार कृषि क्षेत्र की सहायता करने के कोई संकेत नहीं दिखाए हैं। इसमें से एक आत्महत्या पिछले सप्ताह पश्चिम मिदनापुर के चंद्रकोना में हुई।

राज्यपाल धनखड़ से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु ने कहा कि इस साल 5 मई से मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी देश के विभिन्न हिस्सों में अपना आधार बढ़ाने में व्यस्त हैं। यही कारण है कि उन्होंने बंगाल के किसानों की जरूरतों की अनदेखी की है।

भाजपा ने अपने ज्ञापन में किसानों को खाद-बीज मुफ्त में बांटने की मांग की है. इसने उन किसानों के परिवारों के लिए 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की, जिन्होंने आत्महत्या की है।

पार्टी ने पेट्रोल और डीजल पर वैट में कटौती के साथ-साथ किसानों के लिए मुफ्त बिजली की भी मांग की। अंत में पार्टी ने मांग की कि फसलों को किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाए, न कि बिचौलियों से।

बता दें कि, सिंगूर में 2006 के भूमि अधिग्रहण के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन चलाकर ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति में आईं और पांच साल बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल में 34 साल पुराने वामपंथी शासन को खत्म करते हुए मुख्यमंत्री बनीं।

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