कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी में सबकुछ ठीक नहीं है। कुछ दिन पहले ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी नाराज दिखाई दिए थे और पार्टी के कई कार्यक्रम से दूरी बना लिए। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसदों महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच अंदरूनी कलह सार्वजनिक रूप से सामने आ गई, जब लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी ने अपने सहयोगियों सौगत रॉय और कीर्ति आज़ाद के साथ-साथ एक अन्य की खुले तौर पर आलोचना की। जिसका उन्होंने नाम नहीं लिया। उन्हें "बहुमुखी अंतरराष्ट्रीय महिला" कहा।
"अगर दीदी (ममता बनर्जी) मुझसे एक बार कह दें कि मैंने जो किया वह गलत था, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और छोड़ दूंगा।" बनर्जी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि लोकसभा की टीएमसी सदस्य महुआ मोइत्रा ने पार्टी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को उनके खिलाफ शिकायत करते हुए पत्र लिखा।
लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा को अपने सहकर्मी कल्याण बनर्जी के साथ बहस के बाद रोते हुए देखा गया
उन्होंने मोइत्रा का नाम लिए बिना लेकिन टीएमसी की फायरब्रांड सांसद पर मौन कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं उनके अपमानजनक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं कर सकता, सिर्फ इसलिए कि वह अच्छी दिखती हैं और धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलती हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि पिछले सप्ताह निर्वाचन आयोग से मुलाकात करने से पहले लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा को अपने सहकर्मी कल्याण बनर्जी के साथ बहस के बाद रोते हुए देखा गया। उन्होंने मांग की कि व्यवहार संबंधी मुद्दों को लेकर बनर्जी को सदन में पार्टी के मुख्य सचेतक के पद से हटा दिया जाना चाहिए।
बनर्जी पर ‘असभ्य’ जैसा बर्ताव करने का आरोप लगाया
उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कुछ ऐसे कथित वीडियो और व्हाट्सएप चैट सामने आए हैं, जिनमें कीर्ति आजाद समेत तृणमूल सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक नजर आ रही है। आजाद इनमें बनर्जी को संयम बरतने की सलाह देते हुए दिख रहे हैं। रॉय ने कोलकाता में पत्रकारों के साथ बातचीत में कई मौकों पर बनर्जी पर ‘असभ्य’ जैसा बर्ताव करने का आरोप लगाया और कहा कि वक्फ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक के दौरान श्रीरामपुर के सांसद (बनर्जी) ने एक बोतल तोड़ दी थी और उसे समिति के अध्यक्ष पर फेंक दिया था।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने कुछ वीडियो साझा किए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि कथित तौर पर बनर्जी निर्वाचन आयोग के कार्यालय में प्रवेश करते समय अपने सहयोगियों पर चिल्ला रहे हैं, जबकि पार्टी नेता उन्हें शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। रॉय ने कहा कि विवाद तो हुआ था, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे।
प्रतिनिधिमंडल ने ‘डुप्लिकेट वोटर आईडी नंबरों’ को लेकर निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की
तृणमूल के एक सूत्र के अनुसार, यह विवाद चार अप्रैल को तब हुआ जब तृणमूल नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ‘डुप्लिकेट वोटर आईडी नंबरों’ को लेकर निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की और उसके बाद संसद तक मार्च भी निकाला। सूत्र ने कहा कि बनर्जी को एक ज्ञापन पर तृणमूल सांसदों के हस्ताक्षर लेने का काम दिया गया था और यह ज्ञापन पार्टी को निर्वाचन आयोग को सौंपना था।
सूत्र ने कहा कि मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि उनसे हस्ताक्षर नहीं लिया गया । मोइत्रा ने निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर बनर्जी की आलोचना की थी। दोनों सांसदों के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया। बनर्जी ने दावा किया कि मोइत्रा ने निर्वाचन आयोग कार्यालय में सुरक्षाकर्मियों से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कहा था।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए रॉय ने कहा, ‘‘जब कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा के बीच यह विवाद हुआ तब मैं वहां नहीं था । मैं विजय चौक पर था और यह विवाद निर्वाचन आयोग कार्यालय के सामने हुआ। मैंने महुआ को रोते हुए और कल्याण के व्यवहार के बारे में अन्य पार्टियों के कई सांसदों से शिकायत करते हुए देखा।’’
असभ्य व्यवहार कई बार हमारे ध्यान में आया
उन्होंने कहा, ‘‘जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी के ‘आंतरिक मामले’ लीक हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मोइत्रा ने उन्हें सीधे तौर पर कुछ नहीं बताया। रॉय ने कहा, ‘‘ उन्होंने एक अन्य सांसद से कहा कि उन्होंने (बनर्जी ने) असभ्य तरीके से व्यवहार किया।’’
उन्होंने कहा कि संसद के निम्न सदन में पार्टी के मुख्य सचेतक (बनर्जी) अपने असंयमित एवं असभ्य बर्ताव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि कल्याण बनर्जी ने जो कुछ भी कहा है, उसका जवाब देना मेरी गरिमा के खिलाफ है। उनका असभ्य व्यवहार कई बार हमारे ध्यान में आया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया को 'लेडी किलर' कहा
उन्होंने (केंद्रीय मंत्री) ज्योतिरादित्य सिंधिया को 'लेडी किलर' कहा और बाद में उनसे माफ़ी भी मांगी।’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘वक्फ पर जेपीसी की बैठक के दौरान, उन्होंने एक बोतल तोड़ दी और समिति के अध्यक्ष पर फेंक दी। कल्याण अपने असंयमित और असभ्य व्यवहार के लिए जाने जाते हैं।
अब तक, मैंने इसके बारे में नहीं बोला क्योंकि यह मेरी गरिमा के खिलाफ है। मैंने आपसे सुना है कि उन्होंने मेरे खिलाफ कुछ कहा है और इसलिए मैंने जवाब दिया है।’’ उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के पद से हटा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं इसे (तृणमूल सुप्रीमो) ममता बनर्जी के निर्णय पर छोड़ता हूं।’’ मालवीय द्वारा एक्स पर साझा किए गए व्हाट्सएप संदेशों के ‘स्क्रीनशॉट’ से पता चलता है कि बनर्जी का दुर्गापुर से पार्टी सांसद कीर्ति आज़ाद के साथ भी झगड़ा हुआ था। यह संदेश कथित तौर पर तृणमूल सांसदों के एक ग्रुप चैट से है।
सी आर पार्क के मछली बाजार पर विवाद: भाजपा ने वीडियो को लेकर मोइत्रा के खिलाफ जांच की मांग की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा पर राष्ट्रीय राजधानी में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया और सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करने के लिए उनके खिलाफ जांच की मांग की है जिसमें कथित तौर पर कुछ लोग चितरंजन (सीआर) पार्क में मछली विक्रेताओं को धमकाते नजर आ रहे हैं।
60 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ
मोइत्रा ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर कई पोस्ट में आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी समूहों ने इलाके में मछली और मांस की दुकानों को जबरन बंद कराने की कोशिश की है। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, ‘‘कृपया देखें कि भगवा ब्रिगेड के भाजपा के गुंडे दिल्ली के चितरंजन पार्क में मछली खाने वाले बंगालियों को कैसे धमका रहे हैं। 60 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ।’’
पुलिस से जांच की मांग
भाजपा की ओर से बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वीडियो को ‘‘गैर-जिम्मेदाराना और भ्रामक’’ बताते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने वीडियो के निर्माता और मोइत्रा दोनों के खिलाफ बिना सत्यापन के इसे पोस्ट करने के लिए पुलिस से जांच की मांग की।
मछली बाजार छह दशकों से अधिक समय से वैध रूप से संचालित
सचदेवा ने आरोप लगाया कि मोइत्रा ने टीएमसी के आंतरिक मुद्दों से ध्यान हटाने के उद्देश्य से या फिर खबरों में बने रहने के इरादे से ऐसा किया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह आपराधिक लापरवाही से कम नहीं है।’’ भाजपा नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाए गए मछली बाजार छह दशकों से अधिक समय से वैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
बाहरी व्यक्ति को प्रतिष्ठा को धूमिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी
उन्होंने कहा, ‘‘अधिकांश विक्रेता हिंदू हैं; वे स्वच्छता मानदंडों का पालन करते हैं और स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। उनमें से कई भाजपा समर्थक हैं।’’ ग्रेटर कैलाश से भाजपा विधायक शिखा रॉय ने कहा कि सीआर पार्क सांस्कृतिक सद्भाव का प्रतीक है, खासकर दुर्गा पूजा के दौरान, और किसी भी बाहरी व्यक्ति को इसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
क्या भाजपा हमें बताएगी कि हमें क्या खाना चाहिए
उन्होंने कहा, ‘‘मछली बाजार कानूनी है और समुदाय के लिए जरूरी है। भाजपा विक्रेताओं के साथ खड़ी है।’’ टीएमसी सांसद ने इससे पहले एक वीडियो संदेश में भाजपा पर हिंदू दुकानदारों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘क्या भाजपा हमें बताएगी कि हमें क्या खाना चाहिए और कहां वैध दुकानें खोलनी चाहिए? ये हिंदू विक्रेता हैं।
भाजपा मुस्लिम विरोधी, हिंदू विरोधी और संविधान विरोधी है।’’ भाजपा की दिल्ली इकाई ने पुलिस से वीडियो बनाने वालों को गिरफ्तार करने और टीएमसी सांसद के खिलाफ जांच करने का आग्रह किया है। पार्टी ने इसे अशांति फैलाने का ‘‘सनसनीखेज और निराधार’’ प्रयास बताया है।
(इनपुट एजेंसी)