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वीडियो: अदालत के आदेश के बाद ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में हुई पूजा, देखिए

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 1, 2024 15:24 IST

वाराणसी जिला अदालत द्वारा हिंदू समुदाय को ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा का अधिकार दिये जाने के चंद घंटों बाद बुधवार देर रात तहखाने को खोलकर उसमें पूजा की गई। अब इसका वीडियो भी सामने आ गया है।

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ठळक मुद्देबुधवार देर रात तहखाने को खोलकर उसमें पूजा की गईइसका वीडियो भी सामने आ गया है31 जनवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे 31 साल बाद व्यास जी का तहखाना पूजा-पाठ के लिये खोला गया

वाराणसी:  वाराणसी जिला अदालत द्वारा हिंदू समुदाय को ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा का अधिकार दिये जाने के चंद घंटों बाद बुधवार देर रात तहखाने को खोलकर उसमें पूजा की गई। अब इसका वीडियो भी सामने आ गया है। 31 जनवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे 31 साल बाद व्यास जी का तहखाना पूजा-पाठ के लिये खोला गया और उसकी साफ-सफाई करायी गयी। इसके बाद पूजा हुई।

जिला प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक, व्यास जी के तहखाने में जिला अदालत से पूजा-पाठ की अनुमति मिलने के बाद बुधवार की देर रात मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी एस. राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ज्ञानवापी परिसर पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान उनके साथ अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकालने वाले गणेश्वर द्रविड़ भी मौजूद थे। 

स दौरान ज्ञानवापी और आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात रहा। इस सवाल पर कि आज तहखाने के अंदर क्या हुआ, जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मैंने अदालत का जो आदेश है उसका अनुपालन किया है।

पीटाआई भाषा के अनुसार कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि साफ-सफाई के बाद तहखाने में लक्ष्मी-गणेश की आरती की गयी। हिन्दू पक्ष के एक वादी सोहनलाल आर्य ने बताया कि आज तड़के करीब चार बजे जब वह ज्ञानवापी-श्रंगार गौरी मामले की एक वादी लक्ष्मी देवी के साथ तहखाने में दर्शन-पूजन करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अब तहखाने के बैरिकेटिंग को हटा कर वहां लोहे का गेट लगा दिया गया है।

वाराणसी की जिला अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा-पाठ करने का अधिकार देने का आदेश दे दिया। मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश को अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है। हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव के मुताबिक, जिला न्यायाधीश अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने तहखाने में पूजा पाठ करने का अधिकार व्यास जी के नाती शैलेन्द्र पाठक को दे दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस तहखाने में वर्ष 1993 तक पूजा-अर्चना होती थी मगर उसी साल तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार ने इसे बंद करा दिया था। 

मुस्लिम पक्ष ने जिला अदालत के इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में पूजा की अनुमति देने के वाराणसी की ज़िला अदालत के फ़ैसले पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट से संपर्क कर सकते हैं।  मुस्लिम पक्ष ने अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

टॅग्स :ज्ञानवापी मस्जिदवाराणसीAllahabad High Courtभगवान शिव
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