लाइव न्यूज़ :

VIDEO: कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी सरकार के आदेश पर भाजपा की सहयोगी आरएलडी के बाद जेडीयू भी नाराज, क्या NDA गठबंधन पर आएगी आँच?

By रुस्तम राणा | Updated: July 19, 2024 15:02 IST

भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी और बिहार में सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के खिलाफ है।

Open in App
ठळक मुद्देजेडीयू ने कहा- यह आदेश मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के खिलाफ हैएनडीए की सहयोगी आरएलडी ने कहा है कि दुकानों पर नाम लिखने का आदेश गलत हैअखिलेश ने योगी सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे सामाजिक अपराध बताया

नई दिल्ली: कांवड़ यात्रा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक आदेश जारी कर कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी खाद्य दुकानों पर नाम बोर्ड लगाने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश से विवाद खड़ा हो गया है, कई लोगों ने इसे असंवैधानिक बताया है। यूपी सरकार विपक्षी दलों की आलोचना का शिकार हो रही है, क्योंकि उसने भोजनालयों को अपने मालिकों के नाम प्रदर्शित करने के लिए कहा है।

भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी और बिहार में सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के खिलाफ है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जेडी(यू) नेता केसी त्यागी ने कहा, "बिहार में इससे भी बड़ी कांवड़ यात्रा होती है। वहां ऐसा कोई आदेश लागू नहीं है। जो प्रतिबंध लगाए गए हैं, वे 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' का उल्लंघन हैं, जिसकी बात पीएम करते हैं... यह आदेश बिहार, राजस्थान, झारखंड में लागू नहीं है। अच्छा होगा कि इसकी समीक्षा की जाए।"

इसके अलावा एनडीए की सहयोगी पार्टी आरएलडी भी योगी सरकार के इस फैसले पर अपनी आपत्ति जता चुकी है। आरएलडी प्रवक्ता अनिल दूबे ने कहा कि दुकानों पर नाम लिखने का आदेश गलत है। दुकानों पर जाति-धर्म की बात लिखना गलत है। उन्होंने कहा फैसले की समीक्षा होनी चाहिए और इसे वापस लिया जाना चाहिए। उनकी तरफ यह भी साफ किया गया है कि पार्टी नेता जयंत चौधरी की भी यही राय है। 

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे सामाजिक अपराध बताया है। अखिलेश यादव ने कहा कि अदालतों को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

उत्तर प्रदेश की राह पर उत्तराखंड

उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखंड में भी कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानदारों, होटल और ढाबा मालिकों को अब रेट लिस्ट के साथ अपना नाम भी दिखाना होगा। हरिद्वार पुलिस ने रेस्टोरेंट मालिकों को कांवड़ यात्रा मार्ग पर अपना नाम भी दिखाने का आदेश जारी किया है। इस साल 2024 में कांवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू हो रही है। सावन का महीना 22 जुलाई से शुरू होकर 19 अगस्त को खत्म होगा। 

टॅग्स :जेडीयूउत्तर प्रदेशBJPजयंत चौधरीअखिलेश यादव
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारत अधिक खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष