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पौधरोपण अभियानः 37 करोड़ पौधे, नया रिकार्ड, "एक पेड़, मां के नाम" अभियान में सीएम योगी ने अयोध्या और राज्यपाल आनंदीबेन ने बाराबंकी में रोपा

By राजेंद्र कुमार | Updated: July 9, 2025 17:24 IST

up Plantation campaign: सीएम योगी ने अयोध्या में सरयू नदी के किनारे त्रिवेणी वाटिका में ‘एक पेड़ मां के नाम’अभियान के तहत बरगद, नीम और पीपल के पौधे रोपकर इसे भगवान श्रीराम, धरती माता और जन्मदायिनी माता को समर्पित किया.

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ठळक मुद्देराज्यपाल आनंदी बेन पटेल बाराबंकी में पौधारोपण किया और योगी सरकार के मंत्रियों ने जिलों पौधारोपण किया.बीते आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति की है.आठ वर्षों में 204 करोड़ पौधों का रोपण किया गया, जिनमें से 75 प्रतिशत पौधे जीवित हैं.

लखनऊः उत्तर प्रदेश में पौधारोपण के महाअभियान के तहत बुधवार को 37 करोड़ पौधे लगाए गए. राज्य में इतनी बड़ी संख्या में पौधापोरण किए जाने का यह नया रिकार्ड है. बीते साल पौधरोपण अभियान के तहत 36.81 करोड़ पौधे लगाए गए थे. 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 27 करोड़ पौधे एक दिन में लगाने को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धि मानते हैं. खुद सीएम योगी ने अयोध्या में सरयू नदी के किनारे त्रिवेणी वाटिका में ‘एक पेड़ मां के नाम’अभियान के तहत बरगद, नीम और पीपल के पौधे रोपकर इसे भगवान श्रीराम, धरती माता और जन्मदायिनी माता को समर्पित किया.

पौधारोपण में मदद ली गई: 

जनप्रतिनिधि- 60,182सरकारी कार्मिक -13,44,558स्वयंसेवी संस्थाएं- 27,270किसान उत्पादक संगठन- 15,000किसान- 2,24,00,000विद्यार्थी- 3,40,00,000अधिवक्ता- 4,69,900

योगी सरकार में कब कितने लगे पौधे

2017-5.72 करोड़2018-11.77 करोड़2019-22.60 करोड़2020-25.87 करोड़2021-30.53 करोड़2022-35.49 करोड़2023-36.16 करोड़2024-36.81 करोड़

वही राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बाराबंकी में पौधारोपण किया और योगी सरकार के मंत्रियों ने जिलों पौधारोपण किया. अयोध्या में पौधारोपण करने के बाद सीएम योगी वहां आयोजित एक जनसभा में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ इस पौधारोपण अभियान की महत्ता पर बोले. उन्होने कहा कि बीते आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति की है.

बीते आठ वर्षों में 204 करोड़ पौधों का रोपण किया गया, जिनमें से 75 प्रतिशत पौधे जीवित हैं. इसके परिणामस्वरूप राज्य में 5 लाख एकड़ क्षेत्र में वनाच्छादन बढ़ा है. इतनी बड़ी तादाद में पौधारोपण करके हमने हीटवेव को ग्रीनवेव में बदला है. प्रदेश सरकार यह प्रयास न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

इस दौरान सीएम योगी ने वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का जिक्र किया और कहा कि पेड़ों में भी जीवन है और ये छाया, फल, मृदा संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सीएम योगी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’अभियान को धरती माता और जन्मदायिनी माँ के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बताया.

उन्होंने वैदिक उद्घोष ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’का जिक्र करते हुए कहा कि एक सच्चा पुत्र वही है जो अपनी मां की सेवा और रक्षा करता है. राज्य में 37 करोड़ पौधे एक दिन में लगाने का यह अभियान वर्तमान को संवारने और भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है. पेड़ हमें प्रदूषण, सांस की बीमारियों और कार्बन उत्सर्जन के दुष्प्रभावों से बचाएंगे.

इससे किसानों को भी लाभ होगा. उन्होंने यह भी कहा कि आठ साल पहले शुरू हुए इस अभियान में शुरुआत में केवल 5 करोड़ पौधे उपलब्ध थे, लेकिन वन विभाग, मनरेगा और निजी क्षेत्र के सहयोग से आज 52 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं.

ऐसे लगाए गए 37 करोड़ पौधे

यूपी में पौधरोपण के महाअभियान सफल बनाने के लिए वरिष्ठ आइएएस अधिकारी जिलों में नोडल अधिकारी बन गए. इन अफसरों के देखरेख में ही पौधारोपण अभियान सुबह छह बजे से शुरू हुआ. यह अभियान शाम सात बजे तक लक्ष्य पूरा होगा. सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, शाम सात बजे तक राज्य में 37 करोड़ पौधे लगाए जाने का रिकार्ड बनेगा.

जहां भी पौधे लगाए गए हैं, उस स्थल की जियो टैगिंग हो रही हैं. ताकि पौधारोपण के बाद रोपे गए पौधों की वन विभाग और अन्य संस्थाओं की मदद से रियल टाइम निगरानी की जा सके. पौधारोपण अभियान के तहत किसानों को कृषि भूमि पर व खेतों की मेड़ पर पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया गया है.

शहरों में छोटी जगह पर घने वन के लिए मियावाकी पद्धति से पौधे लगाए गए हैं. इस बार पौधारोपण अभियान के तहत अटल वन, एकता वन, एकलव्य वन, त्रिवेणी वन व गोपाल वन की स्थापना की जा रही है. कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड के माध्यम से बैंकों और निजी क्षेत्र की कंपनियों से रोपण क्षेत्रों को गोद लेने और पौधों की सिंचाई व सुरक्षा के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. पौधारोपण अभियान में जनसहभागिता पर ज़ोर दिया गया है. सरकारी कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, एनजीओ, वकील, शिक्षक, छात्र और किसान तथा कारोबारियों को भी पौधारोपण अभियान से जोड़ा गया है. 

टॅग्स :उत्तर प्रदेशयोगी आदित्यनाथलखनऊ
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