लोकसभा में द्रमुक के टी आर बालू ने दूसरी बार पुदुच्चेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी की टिप्पणी का मुद्दा उठाया और उसे सांसदों का ‘‘अपमान’’ बताया। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले पर गृह मंत्रालय ने संज्ञान लिया है और पुदुच्चेरी की उपराज्यपाल ने अपनी टिप्पणी के लिये गहरा खेद प्रकट किया है।
सिंह ने कहा कि जब पुदुच्चेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी से जुड़ा मामला सार्वजनिक हुआ तब गृह मंत्रालय ने इस पर संज्ञान लिया। उपराज्यपाल बेदी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा खेद प्रकट किया है। रक्षा मंत्री ने बताया कि उपराज्यपाल ने कहा कि यह बयान उन्होंने व्यक्तिगत हैसियत में दिया गया था जो ‘‘एक आम व्यक्ति के भाव को प्रकट करता है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘हालांकि मेरा मानना है कि इससे (ऐसी टिप्पणी) बचा जा सकता था।’’ उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी से सार्वजनिक रूप से देने से बचा जा सकता था। रक्षा मंत्री ने कहा कि किरण बेदी ने कहा है कि उन्हें जितना प्रेम पुदुच्चेरी की जनता है, उतना ही स्नेह तमिलनाडु के लोगों से है और उनकी मंशा कभी किसी को आहत करने की नहीं रही।
राजनाथ सिंह ने कहा कि उपराज्यपाल के इन शब्दों के आलोक में इस विषय पर अब विराम लगे। सदन में इस विषय को उठाते हुए टी आर बालू ने कहा कि पुदुच्चेरी की उपराज्यपाल की टिप्पणी गलत है। यह तमिलनाडु के लोगों, सांसदों का ‘‘अपमान’’ है। यह तमिलनाडु के समाज का ‘‘अपमान’’ है। इस विषय पर ध्यान देने की जरूरत है। एआईएमआईएम के असादुद्दीन ओवैसी ने द्रमुक सदस्यों का समर्थन किया।
गौरतलब है कि पुदुच्चेरी की उपराज्यपाल ने अपने ट्वीट में कहा था, ‘‘ संभावित उत्तर के साथ एक प्रश्न..भारत का छठा सबसे बड़ा शहर चेन्नई देश में सूखाग्रस्त सबसे पहला शहर है। केवल चार साल पहले हुई बारिश के कारण यहाँ बाढ़ आई थी तो समस्या कहाँ है? उत्तर...खराब शासन, भ्रष्ट राजनीति, उदासीन नौकरशाही और स्वार्थी तथा कमज़ोर लोग...’’
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पुदुच्चेरी की उपराज्यपाल ने अपने बयान से तमिलनाडु की जनता का ‘‘अपमान’’ किया है । सदन को एक प्रस्ताव पास करना चाहिए कि उन्हें हटाया जाए। उल्लेखनीय है कि द्रमुक सदस्यों ने बुधवार को भी निचले सदन में इस विषय को उठाया था और इस विषय पर अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी भी की थी ।
अन्नाद्रमुक ने तमिलनाडु सरकार के खिलाफ किरण बेदी के बयान को लेकर प्रदर्शन किया
अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं ने चेन्नई में जल संकट के परिप्रेक्ष्य में तमिलनाडु सरकार और लोगों के खिलाफ पुदुच्चेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी के हालिया बयान को लेकर बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले अन्नाद्रमुक नेता ए अनबालागन ने केंद्र से पुदुच्चेरी की उपराज्यपाल बेदी को वापस बुलाने का आग्रह किया क्योंकि उनकी टिप्पणी "अत्यधिक अपमानजनक और तुच्छ थी।"
आंदोलनकारियों ने बेदी की "तमिलनाडु सरकार और राज्य के लोगों के विरुद्ध अनुचित और निराधार टिप्पणी’’ के खिलाफ नारे लगाए। किरण बेदी ने चेन्नई में जल संकट पर एक मीडिया रिपोर्ट की ओर इशारा करते हुए कहा था कि चेन्नई में चार साल पहले जहां भारी बारिश से बाढ़ आई थी, वहीं अब यह देश का पहला सूखा शहर बन गया है।
किरण बेदी ने कहा कि इस रिपोर्ट के संदर्भ में जनधारणा है कि यह स्थिति कुशासन, भ्रष्ट राजनीति और उदासीन नौकरशाही के कारण पैदा हुई है। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ जनधारणा साझा की थी। उन्होंने कहा था, "यह मेरे निजी विचार नहीं हैं और इसलिए संदेश में कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है।"