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भारत-कनाडा संबंधों में खटास को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बताया गंभीर मामला, कहा- दुनिया भर के सिखों पर असर होगा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 20, 2023 07:22 IST

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा जून में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में ‘भारत सरकार के एजेंटों’ की संलिप्तता का आरोप लगाए जाने के बाद कनाडा और भारत ने अपने यहां से एक-दूसरे के एक-एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया है।

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ठळक मुद्देभले ही भारत ने आरोपों को खारिज कर दिया लेकिन यह मामला बहुत गंभीर है और सीधे तौर पर सिखों से संबंधित हैः एसजीपीसी एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने कहा, आज पूरी दुनिया में सिखों के अस्तित्व को देखते हुए कनाडा और भारत दोनों को हाथ मिलाने की जरूरत है।

अमृतसरः खालिस्तानी नेता की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के राजनयिक संबंधों में आयी खटास की पृष्ठभूमि में एसजीपीसी ने मंगलवार को कहा कि मामला ‘बहुत गंभीर’ है और इससे पूरी दुनिया में रहने वाले सिख प्रभावित होंगे। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा जून में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में ‘भारत सरकार के एजेंटों’ की संलिप्तता का आरोप लगाए जाने के बाद कनाडा और भारत ने अपने यहां से एक-दूसरे के एक-एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया है।

वहीं भारत ने ट्रुडो के इस दावे को ‘बेतुका’ और निजी हित से ‘प्रेरित’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कहा कि हालांकि भारत सरकार ने कनाडाई सरकार के आरोपों को खारिज कर दिया और एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित भी कर दिया है, लेकिन यह मामला ‘बहुत गंभीर’ है और वैश्विक स्तर पर सिखों को प्रभावित करेगा।

एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने मंगलवार को केंद्र से भारत में सिखों के मुद्दों को सुलझाने और विदेशों में रहने वाले सिख समुदाय की समस्याओं और भावनाओं को समझकर उचित और सार्थक समाधान की ओर बढ़ने की अपील की। धामी ने कहा, ‘‘कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में आरोप लगने के बाद कनाडा सरकार द्वारा भारत के एक राजनयिक को निष्कासित किया जाना कई सवाल खड़े करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसकी प्रतिक्रिया स्वरूप, भले ही भारत ने आरोपों को खारिज कर दिया और एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया, लेकिन यह मामला बहुत गंभीर है और सीधे तौर पर सिखों से संबंधित है और यह वैश्विक स्तर पर समुदाय के सदस्यों को प्रभावित करेगा।’’

एसजीपीसी प्रमुख ने आगे कहा कि दोनों देशों की सरकारों को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय मामले पर गंभीरता से विचार करने को अपना एजेंडा बनाना चाहिए। धामी ने कहा, ‘‘आज पूरी दुनिया में सिखों के अस्तित्व को देखते हुए कनाडा और भारत दोनों को हाथ मिलाने की जरूरत है, ताकि आरोप लगने पर सच्चाई सामने आ सके और दोनों देशों के बीच रिश्ते भी अच्छे बने रहें।’’ 

टॅग्स :सिखकनाडाजस्टिन ट्रूडो
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