लाइव न्यूज़ :

सुप्रीम कोर्ट में मुकदमों के आवंटन में होगा रोस्टर सिस्टम लागू, CJI दीपक मिश्रा ने किया फैसला- वेबसाइट पर रहेगी सारी जानकारी

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: February 1, 2018 17:05 IST

सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कूरियन जोसेफ ने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमों के आवंंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाया था।

Open in App

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने गुरुवार (01 फ़रवरी) को सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमों के आवंटन के लिए रोस्टर सिस्टम लागू कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार को जारी की गयी 13 पन्ने की अधिसूचना में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस गोगोई, जस्टिस लोकुर, जस्टिस लोकुर, जस्टिस जोसेफ कूरियन, जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस आरके अग्रवाल, जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एके गोयल और जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ के लिए आवंटित मुकदमों का ब्योरा दिया गया है। अधिसूचना में इन सभी 12 जजों के नाम वरिष्ठता के क्रम में दिए हैं। 

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट का रोस्टर अदालत की वेबसाइट पर सार्वजनिक भी करने का भी फैसला किया है। पाँच फ़रवरी से आम जनता सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जाकर देख सकेगी कि सर्वोच्च अदालत में किस जज के पास कौन सी मुकदमा है। 

सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कूरियन जोसेफ ने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमों के आवंंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाया था। इन चार जजों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर भी सवाल उठाए थे। चार जजों के सार्जवनिक रूप से अपनी नाखुशी जाहिर करने के बाद चीफ जस्टिस ने कहा था कि रोस्टर तय करना उनका विशेषाधिकार है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी सुप्रीम कोर्ट में मुकदमों के आवंटन को सार्वजनिक करने की माँग की थी। 

सवाल उठाने वाले जजों ने इशारा किया था कि सुप्रीम कोर्ट में सोहराबुद्दीन शेख मामले की सुनवाई करने वाले जस्टिस बीएच लोया की मौत से जुड़ी जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ को देने पर चीफ जस्टिस से उनकी असहमति थी। सुप्रीम कोर्ट के जजों की वरिष्ठता सूची में जस्टिस अरुण मिश्रा 10वें स्थान पर हैं। सवाल उठाने वाले चारों जज मुख्य न्यायाधीश के बाद सबसे वरिष्ठ चार न्यायाधीश हैं। 

चारों जजों द्वारा मामला उठाने के बाद जस्टिस अरुण मिश्रा ने जस्टिस लोया की मौती की जाँच से जुड़ी पीआईएल की सुनवाई "उचित पीठ" के सामने पेश करने की बात कही थी जिसके बाद इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की पीठ कर रही है।

टॅग्स :दीपक मिश्रासुप्रीम कोर्ट संकटसुप्रीम कोर्टजस्टिस चेलमेश्वर
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारतकानून की भावना का भी ध्यान रखना जरूरी

भारत अधिक खबरें

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप