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Sena vs Sena: सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना, एकनाथ शिंदे द्वारा दायर याचिकाओं को 5 जजों की संविधान पीठ को भेजा, 25 अगस्त को सुनावई

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 23, 2022 14:13 IST

प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को संविधान पीठ के समक्ष याचिकाओं को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया और निर्वाचन आयोग को शिंदे गुट की उस याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं करने का निर्देश दिया जिसमें शिंदे गुट ने कहा था कि उसे असली शिवसेना माना जाए और पार्टी का चुनाव चिन्ह दिया जाए।

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ठळक मुद्देमामले की सुनावई कर रहे पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 25 अगस्त को होगी।संविधान पीठ 25 अगस्त को ही चुनाव चिन्ह के संबंध में फैसला करेगी।’

नयी दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को शिवसेना और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उन याचिकाओं को पांच सदस्यीय संविधान पीठ को भेज दिया जिनमें दलबदल, विलय और अयोग्यता से जुड़े कई संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 25 अगस्त को होगी।

गौरतलब है कि इससे पहले, उच्चतम न्यायालय की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा था कि महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट से जुड़े कुछ मुद्दों पर विचार के लिए एक बड़ी संवैधानिक पीठ की आवश्यकता हो सकती है।

प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को संविधान पीठ के समक्ष याचिकाओं को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया और निर्वाचन आयोग को शिंदे गुट की उस याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं करने का निर्देश दिया जिसमें शिंदे गुट ने कहा था कि उसे असली शिवसेना माना जाए और पार्टी का चुनाव चिन्ह दिया जाए।

न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा, ‘‘मामले को गुरुवार को संविधान पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करें और पीठ शुरुआत में निर्वाचन आयोग की कार्यवाही से संबंधित चुनाव चिन्ह के संबंध में फैसला करेगी।’’ पीठ महाराष्ट्र में हाल के राजनीतिक संकट से संबंधित लंबित मामलों की सुनवाई कर रही थी, जिसके कारण राज्य में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी। 

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा एकनाथ शिंदे को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के फैसले और फ्लोर टेस्ट को चुनौती देने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। हाल ही में उन्होंने शिंदे समूह को चुनौती दी थी कि और कहा था कि वे ही 'असली शिवसेना' हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समूह के व्हिप को शिवसेना के व्हिप के रूप में मान्यता देने वाले महाराष्ट्र विधानसभा के नवनियुक्त अध्यक्ष की कार्रवाई को भी चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया है कि नवनियुक्त अध्यक्ष को शिंदे द्वारा नामित व्हिप को मान्यता देने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उद्धव ठाकरे अभी भी शिवसेना की आधिकारिक पार्टी के प्रमुख हैं।

भाषा इनपुट के साथ

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