लाइव न्यूज़ :

सरकार खुलकर बोलने की आजादी पर अंकुश लगाने के लिए राजद्रोह कानून का इस्तेमाल कर रही है, सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन बी लोकुर बोले

By भाषा | Updated: September 14, 2020 16:21 IST

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) लोकुर ने ‘बोलने की आजादी और न्यायपालिका’ विषय पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुये कहा कि बोलने की आजादी को कुचलने के लिये सरकार लोगों पर फर्जी खबरें फैलाने के आरोप लगाने का तरीका भी अपना रही है।

Open in App
ठळक मुद्देजनता की राय पर प्रतिक्रिया के रूप में सरकार बोलने की आजादी पर अंकुश लगाने के लिये राजद्रोह कानून का सहारा ले रही है।वेंटिलेटर की कमी जैसे मुद्दों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर फर्जी खबर के प्रावधानों के तहत आरोप लगाये जा रहे हैं। कुछ भी बोलने वाले एक आम नागरिक पर राजद्रोह का आरोप लगाया जा रहा है। इस साल अब तक राजद्रोह के 70 मामले देखे जा चुके हैं।

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन बी लोकुर ने सोमवार को कहा कि जनता की राय पर प्रतिक्रिया के रूप में सरकार बोलने की आजादी पर अंकुश लगाने के लिये राजद्रोह कानून का सहारा ले रही है।

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) लोकुर ने ‘बोलने की आजादी और न्यायपालिका’ विषय पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुये कहा कि बोलने की आजादी को कुचलने के लिये सरकार लोगों पर फर्जी खबरें फैलाने के आरोप लगाने का तरीका भी अपना रही है।

उन्होंने कोरोना वायरस के मामले और इससे संबंधित वेंटिलेटर की कमी जैसे मुद्दों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर फर्जी खबर के प्रावधानों के तहत आरोप लगाये जा रहे हैं। न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा, ‘‘सरकार बोलने की आजादी पर अंकुश लगाने के लिये राजद्रोह कानून का सहारा ले रही है। अचानक ही ऐसे मामलों की संख्या बढ़ गयी है जिसमें लोगों पर राजद्रोह के आरोप लगाए गए हैं। कुछ भी बोलने वाले एक आम नागरिक पर राजद्रोह का आरोप लगाया जा रहा है। इस साल अब तक राजद्रोह के 70 मामले देखे जा चुके हैं।’’

कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल एकाउन्टेबिलिटी एंड रिफार्म्स और स्वराज अभियान ने किया था

इस वेबिनार का आयोजन कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल एकाउन्टेबिलिटी एंड रिफार्म्स और स्वराज अभियान ने किया था। अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ न्यायालय की अवमानना के मामले पर बोलते हुये उन्होंने कहा कि उनके बयानों को गलत पढ़ा गया।

उन्होंने डा. कफील खान के मामले का भी उदाहरण दिया और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत आरोप लगाते समय उनके भाषण और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उनके बयानों को गलत पढ़ा गया। वरिष्ठ पत्रकार एन राम ने कहा कि प्रशांत भूषण के मामले में दी गयी सजा बेतुकी है और उच्चतम न्यायालय के निष्कर्षो का कोई ठोस आधार नहीं है। राम ने कहा, ‘‘मेरे मन में न्यायपालिका के प्रति बहुत सम्मान है। यह न्यायपालिका ही है जिसने संविधान में प्रेस की आजादी को पढ़ा। ’’

सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय ने कहा कि भूषण की स्थिति काफी व्यापक होने की वजह से लोगों का सशक्तीकरण हुआ है और इस मामले ने लोगों को प्रेरित किया है। इस बीच, प्रशांत भूषण ने न्यायपालिका के प्रति अपमानजनक दो ट्वीट को लेकर अवमानना का दोषी ठहराये जाने के बाद सजा के रूप में एक रुपए का जुर्माना उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा कराया है।

जुर्माना भरने के बाद मीडिया से बात करते हुये भूषण ने कहा कि उन्हें जुर्माना अदा करने के लिये के देश के सभी हिस्सों से योगदान मिला है और इस योगदान से ‘ट्रूथ फंड’ बनाया जायेगा जिससे असहमति व्यक्त करने की वजह से कानूनी कार्यवाही का सामना करने वालों को कानूनी मदद प्रदान की जाएगी। 

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टनरेंद्र मोदीयोगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेश
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटकेVIDEO: फर्रुखाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, Thar से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत

भारतआप इधर-उधर क्यों घूम रहे हैं?, स्कूल क्यों नहीं जाते?, तो जवाब देते कि बहुत दूर, सीएम योगी ने कहा- अब भैंस के साथ नहीं खेलते बच्चे?, वीडियो

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप