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इस शहर में पालतू कुत्तों के लिए लागू होने जा रहा है सख्त कानून, ऐसा किया तो 10 हजार जु्र्माना देना पड़ सकता है

By शिवेंद्र कुमार राय | Updated: March 22, 2023 21:49 IST

भुवनेश्वर नगर निगम (कुत्तों का पंजीकरण एवं उचित नियंत्रण) उप-कानून 2023 के अनुसार, सभी कुत्तों के मालिकों को अपने पालतू जानवरों को बीएमसी के साथ अनिवार्य रूप से पंजीकृत करवाना होगा। ये नियम अभी मसौदे के रूप में हैं और इनका लागू होना अभी बाकी है।

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ठळक मुद्देभुवनेश्वर में पालतू कुत्तों के लिए लागू होगा सख्त नियमउल्लंघन पर 10 हजार तक जुर्माना हो सकता हैअभी मसौदे के रूप में है कानून, जल्द लागू होगा

भुवनेश्वर: पालतू कुत्तों को लेकर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में नगर निगम बेहद सख्त नियम लागू करने जा रहा है।  भुवनेश्वर नगर निगम के एक नए मसौदा कानून में यह नियम तय किए हैं।  नियमों के अनुसार रिहायशी इलाकों, पार्कों, गलियों और सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते को शौच कराते हुए पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। 

पालतू कुत्तों को लेकर जो कानून का मसौदा बनाया गया है उसके अनुसार कुत्तों को दिनभर बांधकर रखने, बाहर ले जाते समय मुंह बंद करने, पालने के बाद आवारा छोड़ देने और टीकाकरण नहीं कराने पर भी 10 हजार रूपये के जुर्माने का प्रावधान है। 

भुवनेश्वर नगर निगम (कुत्तों का पंजीकरण एवं उचित नियंत्रण) उप-कानून 2023 के अनुसार, सभी कुत्तों के मालिकों को अपने पालतू जानवरों को बीएमसी के साथ अनिवार्य रूप से पंजीकृत करवाना होगा। ये नियम अभी मसौदे के रूप में हैं और इनका लागू होना अभी बाकी है।

पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन होने पर उन्हें मेटल का टोकन/टैग/चिप दिया जाएगा जिस पर उनका नाम, मालिक का पता दर्ज होगा। प्रमाण पत्र पर दर्ज होना चाहिए कि कुत्ते को रेबीज के लिए टीका लगाया गया है। 

पालतू कुत्तों को लेकर बनाए जा रहे नियमों को लेकर बीएमसी की मेयर सुलोचना दास ने कहा, “चिप में मालिक का नाम और पता जैसी सभी डिटेल होगी। नए नियम के अनुसार, मालिक स्वच्छता सुनिश्चित करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके पालतू जानवरों के कारण दूसरों को परेशानी न हो। सड़कों पर या मालिक के घर के बाहर कोई भी कुत्ता बिना कॉलर या चिप्स के पाया जाता है तो उसे हिरासत में लिया जाएगा।" 

बता दें कि ऐसा नियम लागू करने जा रहा भुवनेश्वर अकेला शहर नहीं है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी ऐसा नियम लागू किया जा चुका है। लखनऊ नगर निगम के नियमों के अनुसार कुत्ते को टहलने या अन्य दिनचर्या के लिए बाहर ले जाने पर कॉलर के साथ चिप लगानी होगी। अगर कुत्ता सड़क पर या घर से बाहर किसी सार्वजनिक स्थान पर बिना चिप के पाया जाता है, तो नगरपालिका के कर्मचारियों को ऐसे कुत्तों को जब्त करने और सरकार द्वारा संचालित आश्रय गृहों में ले जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्थानीय निकाय जुर्माना और भुगतान पर कुत्ते को उनके मालिक को वापस सौंप देंगे। 

टॅग्स :ओड़िसाMunicipal Corporationउत्तर प्रदेशलखनऊ
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