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केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर जल्द काम शुरू करने के लिए गठित होगी ‘विशेष उद्देश्यीय कंपनी’

By भाषा | Updated: November 28, 2021 15:46 IST

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(दीपक रंजन)

नयी दिल्ली, 28 नवंबर विवादों के कारण करीब डेढ़ दशक से लंबित केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर सरकार जल्द काम शुरू करने की तैयारी कर रही है तथा इसके लिए ‘विशेष उद्देश्यीय कंपनी गठित’ की जाएगी।

सूत्रों ने भाषा को बताया कि केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को लागू करने के लिए विशेष उद्देश्यीय कंपनी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) गठित करने का प्रस्ताव किया गया है जिसे केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना प्राधिकार (केबीएलपीए) कहा जाएगा।

उन्होंने कहा कि परियोजना के वित्त पोषण के स्वरूप और विशेष उद्देश्यीय कंपनी के लिए मंजूरी प्राप्त करने पर काम चल रहा है।

सूत्रों ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय ने विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों से राय प्राप्त करने के बाद केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से संबंधित संशोधित सार्वजनिक निवेश बोर्ड ज्ञापन को 30 जुलाई 2021 को वित्त मंत्रालय को भेज दिया था।

उन्होंने कहा कि परियोजना की अनुमानित लागत को भी वर्ष 2020-21 के मूल्य स्तर पर संशोधित किया गया है।

सूत्रों ने कहा कि परियोजना से संबंधित नीतिगत निर्णय के लिए जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के सचिव के नेतृत्व में एक संचालन समिति का गठन किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, ‘‘ इस परियोजना का शिलान्यास एवं कार्य की शुरुआत अगले महीने में करने की तैयारी की जा रही है।’’

गौरतलब है कि महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना के तहत पहली परियोजना के रूप में केन बेतवा नदी को जोड़ने की परिकल्पना करीब डेढ़ दशक पहले की गई थी और यह विभिन्न विषयों पर विवादों के कारण अब तक अटकी थी। इस परियोजना को लागू करने के संबंध में इस वर्ष मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में जल शक्ति मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार तथा मध्य प्रदेश सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

जल शक्ति मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत केन नदी से बेतवा नदी में पानी भेजा जाएगा। इसके लिए मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में दौधन बांध का निर्माण किया जाएगा। इससे 221 किलोमीटर लंबी सम्पर्क नहर निकाली जाएगी, जो कि झांसी के निकट बरुआ में बेतवा नदी को जल उपलब्ध कराएगी। दोनों नदियों को जोड़ने वाली नहर, ‘लोअर ओर’ परियोजना, कोठा बैराज और बीना परिसर बहुद्देशीय परियोजना से इसमें मदद मिलेगी।

इस परियोजना से मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के 12 जिलों को पानी मिलेगा। मध्य प्रदेश में छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी जिलों को पानी मिलेगा, वहीं उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर जिलों को राहत मिलेगी। इससे 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सालभर सिंचाई हो सकेगी, 62 लाख लोगों को पेयजल आपूर्ति संभव होगी तथा 103 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकेगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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