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हिरासत में लिए गए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, लोकसभा अध्यक्ष से की हस्तक्षेप की मांग

By भाषा | Updated: December 7, 2020 18:25 IST

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लखनऊ, सात दिसंबर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में सपा द्वारा सोमवार को पूरे उत्तर प्रदेश में आयोजित 'किसान यात्रा' में शिरकत से रोके जाने के विरोध में धरने पर बैठे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया गया।

सपा अध्यक्ष को आज कन्नौज में 'किसान यात्रा' में शामिल होना था, मगर उससे पहले ही पुलिस ने कन्नौज जिला प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने की बात कहकर उनके घर और पार्टी दफ्तर के आसपास का इलाका अवरोधक लगाकर सील कर दिया। अखिलेश कन्नौज जाने के लिए अपने घर से निकले तो पुलिस ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। इससे नाराज पूर्व मुख्यमंत्री धरने पर बैठ गए। बाद में उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस वैन में बैठा दिया गया और ईको गार्डन ले जाया गया। शाम को उन्हें रिहा कर दिया गया।

धरने के दौरान अखिलेश ने संवाददाताओं से कहा, ''भाजपा का यह तानाशाही रवैया है। उसने संविधान की धज्जियां उड़ा दी हैं। भाजपा के लिए कोई कोरोना नहीं है। सिर्फ विपक्षियों के लिए है। भाजपा देश में कहीं भी सभाएं और चुनाव प्रचार कर ले, उसके लिए कोई कोरोना नहीं है। सरकार कोरोना के सहारे लोकतंत्र का गला घोंटना चाहती है।''

गौरतलब है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन और किसानों से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर सपा ने सोमवार से पूरे प्रदेश में किसान यात्राएं शुरू की हैं। इसके तहत अखिलेश को कन्नौज में ठठिया मंडी से तिर्वा के किसान बाजार तक 13 किलोमीटर की यात्रा करनी थी।

अखिलेश ने कहा, ''केवल पार्टी कार्यालय में ही नहीं, बल्कि सरकार हर समाजवादी कार्यकर्ता को अपमानित कर रही है। हम अपने घर से निकलनकर किसानों में अपनी बात रखते। जिस कानून को लेकर किसान दिल्ली घेरकर बैठा है, सरकार उसे वापस क्यों नहीं ले रही है। सरकार पर अविश्वास बढ़ रहा है। सरकार अब बचने वाली नहीं है।''

इस बीच, अखिलेश ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखकर कहा, ''राज्य सरकार का यह अलोकतांत्रिक व्यवहार मेरे नागरिक अधिकारों का हनन है। यह मामला सांसद होने के नाते मेरे विशेषाधिकार के हनन का भी है। कृपया तत्काल हस्तक्षेप करें ताकि अपनी लोकतांत्रिक गतिविधियों को संपन्न करने का मेरा अधिकार बहाल हो सके।''

गौतमपल्ली थानाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने 'भाषा' को बताया कि सपा मुखिया अखिलेश यादव का आज कन्नौज जाने का कार्यक्रम था लेकिन वहां के जिलाधिकारी ने धारा 144 लागू होने और कोरोना महामारी के मद्देनजर उनके कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी है, लिहाजा सपा दफ्तर को जाने वाले विक्रमादित्य मार्ग के हिस्से को सील करने की कार्रवाई की गई।

इसके पूर्व, नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। उनमें से कई को हिरासत में भी ले लिया गया। पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को राज्य मुख्यालय के अंदर ही रखने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया।

इसके अलावा प्रदेश के बरेली, कन्नौज और बाराबंकी समेत अनेक जिलों से भी पुलिस द्वारा सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोके जाने की खबरें मिली हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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