लाइव न्यूज़ :

Shramik Special Train News: श्रमिक स्पेशल ट्रेन में यात्रियों ने शव के साथ बंगाल तक यात्रा की

By भाषा | Updated: June 1, 2020 06:18 IST

राजस्थान से पश्चिम बंगाल जा रही एक श्रमिक विशेष ट्रेन में सवार 50 वर्षीय एक प्रवासी कामगार की बीच रास्ते में ही मौत हो गई, जिससे अन्य यात्रियों में दहशत फैल गई। हालांकि, उन्होंने शव के साथ आठ घंटे से अधिक समय तक यात्रा की।

Open in App
ठळक मुद्देराजस्थान से पश्चिम बंगाल जा रही एक श्रमिक विशेष ट्रेन में सवार 50 वर्षीय एक प्रवासी कामगार की बीच रास्ते में ही मौत हो गई, जिससे अन्य यात्रियों में दहशत फैल गई।मालदा जिलाधिकारी राजश्री मित्रा ने बाद में कहा कि परिहार को टीबी की बीमारी थी। उन्होंने कहा कि दास की कोविड-19 की जांच कराई जाएगी।

मालदा। राजस्थान से पश्चिम बंगाल जा रही एक श्रमिक विशेष ट्रेन में सवार 50 वर्षीय एक प्रवासी कामगार की बीच रास्ते में ही मौत हो गई, जिससे अन्य यात्रियों में दहशत फैल गई। हालांकि, उन्होंने शव के साथ आठ घंटे से अधिक समय तक यात्रा की। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। मालदा जिले में हरिश्चंद्रपुर का रहने वाला बुद्ध परिहार राजस्थान के बीकानेर में एक होटल में काम करता था। उसका करीबी रिश्तेदार सरजू दास भी उसी होटल में काम करता था। परिहार के परिवार में उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं।

वह करीब 20 साल से राजस्थान में काम करता था। पुलिस ने बताया कि परिहार और दास का लॉकडाउन के चलते रोजगार छिन गया और इस घटना से पहले मालदा लौटने की उनकी कई कोशिशें नाकाम रही थीं। आखिरकार वे 29 मई (शुक्रवार) को सुबह करीब 11 बजे एक ट्रेन में सवार हुए। उन्होंने बताया कि परिहार की ट्रेन में शनिवार रात 10 बजे उत्तर प्रदेश में मुगलसराय के पास मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उसकी मौत हो जाने पर कंपार्टमेंट में दहशत फैल गई क्योंकि लोगों को संदेह हो रहा था कि उसकी मौत कोविड-19 के चलते हुई है और सह यात्री भी संक्रमित हो सकते हैं। पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, ट्रेन के रविवार सुबह करीब छह बजकर 40 मिनट पर मालदा स्टेशन पहुंचने के बाद रेलवे के डॉक्टरों ने उसकी जांच की और तब शव को रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सौंप दिया गया।

उन्होंने बताया कि दास ने एक लिखित बयान में कहा कि परिहार टीबी की बीमारी से ग्रस्त था और यात्रा के दौरान असहज महसूस करने पर उसने परिहार को दवा भी दी थी लेकिन वह बच नहीं सका। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में यह विषय इंग्लिशबाजार पुलिस थाने को सौंप दिया गया, जिसने घटना की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिये मालदा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। दास ने कहा, ‘‘हम एक होटल में काम करते थे लेकिन लॉकडाउन शुरू होते ही हमारी नौकरी चली गई। हमारे पास पैसे नहीं बचे थे और कई बार हमने घर लौटने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। आखिरकार, हम 29 मई को एक ट्रेन में सवार हो गये। लेकिन उसकी (परिहार की) रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। ’’ मालदा जिलाधिकारी राजश्री मित्रा ने बाद में कहा कि परिहार को टीबी की बीमारी थी। उन्होंने कहा कि दास की कोविड-19 की जांच कराई जाएगी।

टॅग्स :श्रमिक स्पेशल ट्रेनप्रवासी मजदूर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारललित गर्ग का ब्लॉग: प्रवासी कामगारों से मजबूत होती अर्थव्यवस्था

विश्वट्यूनीशिया: प्रवासियों की नौका डूबने से 29 लोगों की मौत- 11 बचाए गए, स्फैक्स शहर में पिछले 2 दिन 5 नौकाएं डूबी-दावा

भारतकोरोना की तीसरी लहर के बीच डर और नाउम्मीदी की गठरी लेकर बिहार वापस लौटने लगे हैं प्रवासी, घर से काम करने की कर रहे हैं मांग

भारतकेरल: प्रवासी मजदूरों का पुलिस के साथ संघर्ष, पुलिस जीप जलाई, पांच पुलिसकर्मी घायल, 150 मजदूर हिरासत में

भारत‘किरकिरी’ के बाद एडवाइजरी को बताया फर्जी पर उससे पहले पुलिस ने एकत्र कर लिए थे श्रमिक

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?