लाइव न्यूज़ :

'पार्टी दरी बिछाने का काम देगी तो भी मैं करूंगा', संसदीय बोर्ड से बाहर किए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने दी पहली प्रतिक्रिया

By शिवेंद्र राय | Updated: August 20, 2022 17:47 IST

भाजपा ने बीते 17 अगस्त को अपने संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन किया था। इसमें शिवराज सिंह चौहान को बाहर कर दलित नेता सत्यनारायण जटिया को संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति में शामिल किया गया था। शिवराज सिंह चौहान के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी भाजपा के संसदीय बोर्ड से बाहर हो गए हैं।

Open in App
ठळक मुद्देराजनीति में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं होना चाहिए- शिवराज सिंह चौहानअपने बारे में नहीं देश के बारे में सोचिए- शिवराज सिंह चौहानपार्टी कहेगी कि गांव में रहो तो वहां रहूंगा- शिवराज सिंह चौहान

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी की सबसे ताकतवर समिति संसदीय बोर्ड से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बाहर हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शिवराज चौहान की जगह मध्यप्रदेश से सत्यनारायण जटिया को संसदीय बोर्ड में  जगह दी है। शिवराज के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी अब संसदीय बोर्ड का हिस्सा नहीं होंगें।

संसदीय बोर्ड से बाहर किए जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे बिल्कुल भी अहम नहीं है कि मैं ही योग्य हूं। पार्टी मुझे दरी बिछाने का काम देगी तो राष्ट्र हित में यह भी करूंगा। शिवाराज सिंह चौहान मीडिया समूह इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान उन्होंने संसदीय समिति से हटाए जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया दी।

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा,  "राजनीति में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं होना चाहिए। बीजेपी एक विशाल परिवार है। केंद्रीय स्तर पर एक टीम होती है, जो यह तय करती है कि किसे, क्या काम करना है। जैसे हम प्रदेश में तय करते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संसदीय बोर्ड में जिन्हें शामिल किया है, वे सभी योग्य हैं। इसमें पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण को ध्यान में रखा गया है। पार्टी कहेगी कि जैत (शिवराज सिंह चौहान का गांव) में रहो तो वहां रहूंगा। पार्टी कहेगी कि भोपाल में रहो तो भोपाल में रहूंगा।" 

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि वह कभी विधायक या मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने आगे कहा, "अगर आपने यह सोचा कि मैं कहां हूं, तो आप उस मिशन का हिस्सा नहीं, आप स्वार्थी हैं। अपने बारे में नहीं देश के बारे में सोचिए, आपके बारे में पार्टी सोचेगी।"

बता दें कि शिवराज सिंह चौहान नौ साल भाजपा की संसदीय समिति का हिस्सा रहे। भाजपा ने बीते 17 अगस्त को अपने संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन किया था।इसमें किसी भी मौजूदा मुख्यमंत्री को जगह नहीं मिली है। संघ के करीबी माने जाने वाले  दलित नेता सत्यनारायण जटिया मध्यप्रदेश से भाजपा के संसदीय बोर्ड का हिस्सा होंगे।  उज्जैन से सात बार सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया दलित समुदाय से आते हैं। मध्य प्रदेश की 84 विधानसभा सीटों पर दलित वोटरों का अच्छा प्रभाव है। 

टॅग्स :शिवराज सिंह चौहानमध्य प्रदेशBJPजेपी नड्डानितिन गडकरी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारततमिलनाडु विधानसभा चुनावः अवनाशी से केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, मायलापुर से तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन और कोयंबटूर उत्तर से वानती श्रीनिवासन को टिकट

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम