नई दिल्ली: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि वह अमेरिका में एक कार्यक्रम में लेखक सलमान रश्दी को छुरा घोंपने से पूरी तरह से भयभीत और स्तब्ध थे। उन्होंने रश्दी के पूरी तरह से ठीक होने की कामना की। इसे एक दुखद दिन बताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यह और भी बुरा है अगर रचनात्मक अभिव्यक्ति अब स्वतंत्र और खुली नहीं हो सकती है।
शशि थरूर ने ट्वीट करते हुए लिखा, "सलमान रश्दी को छुरा घोंपने वाली घटना से भयभीत और स्तब्ध हूं। मैं उनके घावों से शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूं। हालांकि, डूबते हुए दिल के साथ मैं मानता हूं कि उनके लिए जीवन फिर कभी पहले जैसा नहीं हो सकता। एक दुखद दिन, बदतर अगर रचनात्मक अभिव्यक्ति अब स्वतंत्र और खुली नहीं रह सकती है।"
75 वर्षीय रश्दी वेंटिलेटर पर हैं और उनकी एक आंख भी जा सकती है। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने यह कहा है। पुलिस ने उनके हमलावर की पहचान कर ली है। बता दें कि सलमान रश्दी भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं, जो पिछले 20 सालों से अमेरिका में रह रहे हैं। रश्दी को उनकी 1988 की किताब द सैटेनिक वर्सेज को लेकर दशकों तक धमकियों का सामना करना पड़ा है। कुछ मौलवियों ने उपन्यास को पैगंबर मोहम्मद के प्रति अपमानजनक माना था।
कई मुसलमानों का मानना है कि रश्दी ने इस पुस्तक के जरिए ईशनिंदा की है। इसे लेकर ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह खमनेई ने रश्दी को मौत की सजा दिए जाने का फतवा जारी किया था। रश्दी की हत्या करने वाले को 30 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का इनाम देने की भी पेशकश की गई। चाकू से हमले के बाद अंग्रेजी भाषा के प्रख्यात लेखक सलमान रश्दी का लीवर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। लेखक वेंटिलेटर पर हैं और बात नहीं कर सकते हैं।