नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारत के चुनाव आयोग को यह निर्णय लेने की अनुमति दी कि शिवसेना का कौन सा गुट असली है और मामले में कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए उद्धव ठाकरे खेमे की याचिका को खारिज कर दिया। मालूम हो, दूसरे धड़ का नेतृत्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ ने "असली" शिवसेना पर शिंदे के नेतृत्व वाले समूह के दावे पर चुनाव आयोग को निर्णय लेने से रोकने के लिए ठाकरे समूह के आवेदन पर सुनवाई की। इससे पहले दिन में शिवसेना अध्यक्ष और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि उनकी टीम विद्रोही टीम के साथ कानूनी लड़ाई में विजयी होगी।
बताते चलें कि शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ एकनाथ शिंदे और 39 अन्य विधायकों के विद्रोह के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी सरकार गिर गई थी। शिंदे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के देवेंद्र फड़नवीस ने 30 जून को क्रमश: राज्य के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी।
23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने ठाकरे और शिंदे के नेतृत्व वाले गुटों द्वारा दायर याचिकाओं को पांच-न्यायाधीशों की पीठ के पास भेजा था, जिसमें दलबदल, विलय और अयोग्यता से संबंधित कई संवैधानिक प्रश्न उठाए गए थे।