राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के महासचिव और पूर्व सांसद देवी प्रसाद त्रिपाठी का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार सुबह दिल्ली में निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई दिनों से बेहद बीमार थे, गुरुवार सुबह उन्होंने दिल्ली में आखिरी सांस ली। देवी प्रसाद त्रिपाठी का जन्म उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में हुआ था। छात्र राजनीति के दिनों में वो जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष भी बने। बाद में वो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राजनीति के प्रोफेसर भी नियुक्त हुए।वह त्रैमासिक पत्रिका थिंक इंडिया के संपादक भी रह चुके हैं। मराठीन हिंदी के अलावा देशी-विदेशी कई भाषाओं पर उनकी पकड़ थी। त्रिपाठी ने मात्र सोलह साल की उम्र में राजनीति की दुनिया में कदम रखा। कुछ दिनों में ही वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सहयोगियों में से एक बन गए। हालांकि, सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने के विरोध में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। वह यहां पार्टी महासचिव और मुख्य प्रवक्ता के पद तक पहुंचे। यह भी बताया जाता है कि महाराष्ट्र चुनाव में सीट-बंटवारे पर बातचीत में वे जिम्मेदार थे। blockquote class="twitter-tweet">
Senior NCP leader & former MP, DP Tripathi passes away in Delhi after a prolonged illness. pic.twitter.com/Ts0lVRAu5I
निधन की खबर सुनते ही एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने संवेदना जताई है। उन्होंने ट्वीट किया 'श्री डीपी त्रिपाठी जी के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। वे एनसीपी के महासचिव होने के साथ-साथ एक हमारे लिए गाइड भी थे। हम उनके बुद्धिमान परामर्श और मार्गदर्शन को याद करेंगे जो उन्होंने उस दिन से दिया था, जिस दिन एनसीपी की स्थापना हुई थी।'