लाइव न्यूज़ :

UGC-NET परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ PIL पर सुनवाई से SC का इनकार, याचिकाकर्ता से पूछा ये..

By आकाश चौरसिया | Updated: July 29, 2024 14:26 IST

सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता से पूछ लिया कि आप क्यों यहां आए हैं, आपके बजाय अगर प्रभावित छात्र आते तो काफी अच्छा होता। इसके साथ पीआईएल को खारिज करते हुए कह दिया कि मेरिट पर कहने के लिए कुछ हमारे पास नहीं है।

Open in App

नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूजीसी-नेट एग्जाम से जुड़ी पीआईएल पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, पीआईएल में सरकार के पेपर लीक की आशंका को देखते हुए इसे रद्द करने को लेकर चुनौती दी गई थी। गौरतलब है कि यह पीआईएल एक वकील के द्वारा दाखिल की गई थी, जबकि संवैधानिक तौर पर इसे सामूहिकता मत को लेकर दाखिल किया जाता है। ये बात सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा।    

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका को खारिज करने से इसकी योग्यता पर ध्यान नहीं दिया गया, क्योंकि यह प्रभावित छात्रों के बजाय एक वकील द्वारा दायर किया गया था।

इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता से पूछ लिया कि आप क्यों यहां आए हैं, आपके बजाय अगर प्रभावित छात्र आते तो काफी अच्छा होता। इसके साथ पीआईएल को खारिज करते हुए कह दिया कि मेरिट पर कहने के लिए कुछ हमारे पास नहीं है।

पीठ ने जनहित याचिका दायर करने वाले वकील उज्जवल गौड़ को सलाह दी कि वे अन्य कानूनी मामलों पर ध्यान केंद्रित करें और इन जैसे मुद्दों को सीधे तौर पर प्रभावित लोगों पर छोड़ दें। याचिका में यूजीसी-नेट परीक्षा की अखंडता के बारे में चिंताओं के कारण रद्द करने के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के फैसले को चुनौती दी गई थी।

19 जून को मंत्रालय ने परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया था और मामले को जांच के लिए सीबीआई को भेज दिया था। गौड़ की याचिका में यूजीसी-नेट की प्रस्तावित फिर से परीक्षा पर तत्काल रोक लगाने का भी अनुरोध किया गया है जब तक कि सीबीआई पेपर लीक के आरोपों की जांच पूरी नहीं कर लेती।

याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हालिया निष्कर्षों को देखते हुए यह निर्णय न केवल मनमाना है, बल्कि अन्यायपूर्ण भी है। वकील रोहित पांडे ने दायर याचिका में कहा, "सीबीआई की जांच से यह तथ्य सामने आया है कि पेपर लीक का सुझाव देने वाले सबूतों से छेड़छाड़ की गई है, जिससे वह आधार रद्द हो गया है जिस पर पेपर रद्द किया गया था।"

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टयूजीसी नेट
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारतकानून की भावना का भी ध्यान रखना जरूरी

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?