लाइव न्यूज़ :

ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर संजय सिंह बोले- सब बीजेपी का किया-धरा

By शिवेंद्र राय | Updated: December 28, 2022 17:03 IST

आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा पर जमकर हमला बोला है। संजय सिंह ने ये भी कहा है कि सही सर्वे कराकर ओबीसी आरक्षण देने के बाद ही चुनाव होने चाहिए नहीं तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा।

Open in App
ठळक मुद्देयूपी में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सियासत गर्माईआप नेता संजय सिंह की यूपी सरकार को चेतावनीसंजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी को पिछड़ों का विरोधी बताया

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक अहम फैसला सुनाते हुए ओबीसी आरक्षण को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की खूब किरकिरी हो रही है। विपक्षी दल और नेता भाजपा पर अन्य पिछड़ा वर्ग का विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी भाजपा पर जमकर हमला बोला है।

संजय सिंह ने कहा है कि भाजपा मानसिकता से, विचारधारा से, दलितों, शोषितों की विरोधी है। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद एक बार फिर साबित हुआ है कि भारतीय जनता पार्टी पिछड़ों के खिलाफ है। पिछड़ों के आरक्षण के खिलाफ है और पिछड़ों को उनका हक देने के खिलाफ है। संजय सिंह ने कहा कि नगर निकाय के चुनाव में संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करके आयोग बनाकर, सर्वे कराकर आरक्षण लागू करना था लेकिन योगी आदित्यनाथ और बीजेपी की सरकार ने जानबूझकर ऐसा गड़बड़ आरक्षण ऐसा किया कि हाईकोर्ट ने इनके नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया। संजय सिंह ने ये भी कहा है कि सही सर्वे कराकर ओबीसी आरक्षण देने के बाद ही चुनाव होने चाहिए नहीं तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा।

दरअसल इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले के बाद ओबीसी के लिए आरक्षित सीटें अब जनरल मानी जाएंगी। इसी वजह से हंगामा मचा है। लगातार जारी विरोध और मचे हंगामे के बाद भाजपा भी बैकफुट पर है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बगैर ओबीसी आरक्षण के नगर निकाय चुनाव नहीं होगा। इसके लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की भी तैयारी कर रही है। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच दिसंबर को निकाय चुनाव के लिए आरक्षण की अधिसूचना जारी की थी जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में 17 महापालिकाओं के मेयर, 200 नगर पालिकाओं और 545 नगर पंचायतों में चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने जो लिस्ट जारी की थी उसके हिसाब से चार मेयर सीट- अलीगढ़, मथुरा-वृंदावन, मेरठ और प्रयागराज को ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किया गया। इनमें से अलीगढ़ और मथुरा-वृंदावन ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित थी। जिस फार्मूले पर उत्तर प्रदेश सरकार ने ये लिस्ट जारी की थी उसे इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दिया।

टॅग्स :संजय सिंहयोगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेश समाचारOBCहाई कोर्टBJP
Open in App

संबंधित खबरें

भारतUP: पंचायत चुनाव, ओबीसी आयोग, मेट्रो प्रोजेक्ट एवं अन्य मुद्दों को लेकर योगी मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले

भारत'नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए...प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे': एक कार्यक्रम में बोले यूपी सीएम योगी | VIDEO

क्राइम अलर्टउत्तर प्रदेश में वैन और ट्रक की भीषण टक्कर में 10 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया

भारतसीएम डॉ. मोहन ने लिया मंत्रियों से एक-एक काम का हिसाब, जानें सरकार-संगठन के बीच क्या हुई बात?

भारतयूपी पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे करोड़ों को तोहफा, 12 प्रस्ताव को मंजूरी

भारत अधिक खबरें

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतदीदी का डिजाइन, सुवेंदु का एक्शन; साल्ट लेक स्टेडियम से हटेगी ममता बनर्जी द्वारा बनाई गई फुटबॉल की मूर्ति

भारतDelhi Traffic Update: दिल्ली वाले ध्यान दें! 19 मई को ट्रैफिक जाम से बचना है, तो इन रास्तों का करें इस्तेमाल

भारतभविष्य के लिए ये कैसी पौध तैयार कर रहे हैं हम ?

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की