लाइव न्यूज़ :

बिहार में भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस.एम. राजू भेजे गए जेल

By एस पी सिन्हा | Updated: January 20, 2023 19:04 IST

निगरानी ब्यूरो की तरफ से बताया गया है कि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस. एम. राजू की नियमित जमानत याचिका को निगरानी के विशेष न्यायाधीश मनीष द्विवेदी ने खारिज कर दिया है। इसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 

Open in App
ठळक मुद्देआईएएस अधिकारी एस एम राजू के खिलाफ 25 अप्रैल 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया गया थाअधिकारी पर धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471, 477ए एवं धारा 120 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज

पटना:बिहार में भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस.एम. राजू की नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए निगरानी कोर्ट न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इनके खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 181/2017 दर्ज है। निगरानी ब्यूरो की तरफ से बताया गया है कि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस. एम. राजू की नियमित जमानत याचिका को निगरानी के विशेष न्यायाधीश मनीष द्विवेदी ने खारिज कर दिया है। इसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 

राजू पर महादलित विकास मिशन के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर रहते हुए सरकारी राशि के गबन एवं भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इनके खिलाफ निगरानी में 81/ 2017 केस दर्ज किया गया था। आईएएस अधिकारी पर धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471, 477ए एवं धारा 120 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। निगरानी की तरफ से बताया गया है कि आईएएस अधिकारी के खिलाफ दर्ज केस की जांच के बाद आरोप प्रमाणित पाए गए। 

इसके बाद आईएएस अधिकारी एस एम राजू के खिलाफ 25 अप्रैल 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था। निगरानी कोर्ट में एसएम राजू ने नियमित जमानत याचिका दाखिल की थी। जिसे आज कोर्ट ने खारिज करते हुए राजू को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। बता दें, बिहार के एससी-एसटी कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला हुआ था। तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले एससी-एसटी छात्रों के एवज में फर्जी तरीके से संस्थानों को भुगतान का आरोप था। 

1991 बैच के आईएएस अधिकारी रहे एसएम राजू पर विभिन्न तकनीकी संस्थानों-कॉलेजों में पढ़ने वाले एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को 2013-14 और इसके पूर्व के वर्षों में भी छात्रवृत्ति भुगतान में अनियमितता के आरोप थे। इस खुलासे के बाद सरकार ने निगरानी जांच के आदेश दिए थे। निगरानी ब्यूरो ने उनके खिलाफ 29 नवंबर 2016 को मुकदमा दर्ज किया था। यह मामला काफी चर्चा में आया। घोटाला सामने आने के बाद नीतीश सरकार की काफी फजीहत हुई थी। 

टॅग्स :बिहारIAS
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपटना परसा बाजारः 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, रिश्तेदार सहित 2 आरोपी अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती मासूम?

ज़रा हटकेपटना स्थित राज्य महिला आयोग के दफ्तर में प्रेमी जोड़े ने की शादी, लड़के ने आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में लड़की की मांग भरी

क्राइम अलर्ट2017 में रानी कुमारी से शादी, एक बेटा हुआ?, ससुराल बुलाकर पत्नी ने प्रेमी मो. शहजाद के साथ मिलकर पति महेश्वर राय को मार डाला, दुपट्टे से गला घोंटा

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

क्राइम अलर्ट2020 में दोस्ती और 5 साल लिव इन में रहे?, 20 फरवरी 2026 को पटना में शादी, पति नीरज भंसाल मांगता है दहेज, 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ईशिता ने की सुसाइड?

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए