लाइव न्यूज़ :

जम्मू में बोले राजनाथ सिंह- मैं विशेष राजनीतिक दल से आता हूं, लेकिन नेहरू की आलोचना नहीं कर सकता

By शिवेंद्र राय | Updated: July 24, 2022 15:16 IST

करगिल विजय दिवस के मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना की शहादत को याद किया। रक्षामंत्री ने कहा मैं पंडित नेहरू या किसी भारतीय प्रधानमंत्री की आलोचना नहीं कर सकता। उनकी नीति भले गलत रही हो, लेकिन नीयत नहीं।

Open in App
ठळक मुद्देरक्षामंत्री ने जम्मू में शहीद परिवारों को सम्मानित कियाब्रिगेडियर उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा को याद कियाराजनाथ सिंह ने कहा- पंडित नेहरू की आलोचना नहीं कर सकता

जम्मू: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। करगिल विजय दिवस की वर्षगांठ मनाने जम्मू पहुंचे राजनाथ सिंह ने जम्मू में शहीदों परिवारों को सम्मानित किया। इस दौरान रक्षामंत्री ने गुलशन ग्राउंड में हुए एक कार्यक्रम में भारत द्वारा अब तक लड़े गए युद्धों और सैनिकों की वीरगाथा का विस्तार से जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने 1962 में चीन से लड़े गए युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पंडित जवाहर लाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री थे। रक्षामंत्री ने कहा कि बहुत सारे लोग जवाहर लाल नेहरू की आलोचना करते हैं। मैं एक विशेष राजनीतिक दल से आता हूं। लेकिन मैं पंडित नेहरू या किसी भारतीय प्रधानमंत्री की आलोचना नहीं कर सकता। मैं किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नीयत को गलत नहीं ठहरा सकता। उनकी नीति भले गलत रही हो, लेकिन नीयत नहीं।

पीओके पर बोले रक्षामंत्री

रक्षामंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहा, "पीओके पर पाकिस्तान का अनधिकृत क़ब्ज़ा है। भारत की संसद में इसे मुक्त कराने का एक सर्वसम्मत प्रस्ताव भी पारित है। शिव के स्वरूप बाबा अमरनाथ हमारे पास हैं, पर शक्ति स्वरूपा शारदा जी का धाम अभी LoC के उस पार ही है।" उन्होंने कहा, "1965 और 1971 की लड़ाई में बुरी तरह परास्त होने के बाद पाकिस्तान ने सीधे युद्ध का रास्ता छोड़ कर छद्म युद्ध का रास्ता पकड़ा। लगभग दो दशकों से भी अधिक समय तक पाकिस्तान ने भारत को ‘प्राक्सी वार’ में उलझाए रखा और वे सोचते थे कि भारत को हजार घाव दे देंगे।"

ब्रिगेडियर उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा को याद किया

इस मौके पर ब्रिगेडियर उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा को याद करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, "ब्रिगेडियर उस्मान को आज आजादी अमृत महोत्सव में बार-बार याद करने की जरूरत है। 1948 के युद्ध में इसी तरह मेजर सोमनाथ शर्मा का बलिदान भी स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। मेजर सोमनाथ शर्मा ने बहादुरी और बलिदान से जम्मू और कश्मीर को दुश्मनों के हाथों में जाने से बचाया। 1948 में पहली बार भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नापाक इरादों को नाकाम किया और आज जो जम्मू और कश्मीर का जो स्वरूप हम देख रहे है उसे बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।"

टॅग्स :राजनाथ सिंहArmyकारगिल विजय दिवसKargilKargil Vijay Diwas
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील, जम्मू में घोड़ा-तांगे दौड़ाने लगे लोग, वीडियो

भारतपाकिस्तान को तय करना होगा भूगोल या इतिहास का हिस्सा बने रहना चाहता?, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा-  भारत के खिलाफ कार्रवाई जारी रखता है तो

भारतलंदन किड्स प्रीस्कूल बनतालाब, जम्मू में विस्तार, आधुनिक प्रीस्कूल और EYFS पाठ्यक्रम के साथ नई पहल

भारत'जेल में होंगे या ऊपर होंगे': राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल में 'गुंडों' को दी कड़ी चेतावनी

पूजा पाठAmarnath Yatra 2026: आज से शुरू हुए अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन, जानें CHC नियम और आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली में सफर पर लगेगा ब्रेक? 21 मई से तीन दिन तक ऑटो-टैक्सी की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े ड्राइवर

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतदीदी का डिजाइन, सुवेंदु का एक्शन; साल्ट लेक स्टेडियम से हटेगी ममता बनर्जी द्वारा बनाई गई फुटबॉल की मूर्ति

भारतDelhi Traffic Update: दिल्ली वाले ध्यान दें! 19 मई को ट्रैफिक जाम से बचना है, तो इन रास्तों का करें इस्तेमाल

भारतभविष्य के लिए ये कैसी पौध तैयार कर रहे हैं हम ?